
रांची : दक्षिण पूर्व रेलवे के महत्वपूर्ण स्टेशनों में शुमार रांची रेलवे स्टेशन पर इन दिनों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हजारों की संख्या में यात्री यहां रिजर्वेशन कउंटर पर टिकट बुक कराने पहुंच रहे हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के नाम पर उन्हें सिर्फ निराशा हाथ लग रही है। सबसे चौंकाने वाली बात है कि नैचुरल कॉल आए तो वहां टॉयलेट की व्यवस्था ही नहीं है। यात्रियों के लिए बना टॉयलेट बंद पड़ा है और उसे एक ‘गोदाम’ में तब्दील कर दिया गया है। जिससे कि यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
टॉयलेट में लटका है ताला
स्थानीय यात्रियों और लोगों के मुताबिक टिकट काउंटर पर सुबह से लेकर रात तक पैर रखने की जगह नहीं होती। लंबी लाइनों में खड़े यात्रियों, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे भी शामिल होते हैं, उन्हें आपातकालीन स्थिति में भारी शर्मिंदगी और परेशानी झेलनी पड़ रही है। परिसर में टॉयलेट की व्यवस्था तो है, लेकिन उस पर ताला लटका हुआ है। शौचालय के भीतर कबाड़ और अन्य सामान भरकर उसे स्टोर रूम (गोदाम) बना दिया गया है।
बंद टॉयलेट को खोलने की मांग
स्टेशन पहुंचे एक यात्री ने गुस्से में कहा कि रेलवे एक तरफ तो आधुनिकता और स्वच्छता की बातें करता है, लेकिन यहां ग्राउंड रियलिटी कुछ और ही है। इतनी भीड़ होने के बावजूद बाथरूम को गोदाम बना देना यात्रियों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ है। महिलाओं को इसके कारण सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। वहीं एक अन्य यात्री ने कहा कि ‘स्वच्छ भारत अभियान’ और ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत स्टेशनों को चमकाने का दावा करने वाला रेल प्रशासन इस बुनियादी जरूरत को लेकर पूरी तरह लापरवाह नजर आ रहा है। यात्रियों ने मांग की है कि इस बंद पड़े टॉयलेट को तुरंत खाली करवाकर साफ-सफाई कराई जाए और इसे आम जनता के लिए खोला जाए।


