सदर अस्पताल में की गई ‘थोरैसिक डिकॉर्टिकेशन’ सर्जरी, प्राइवेट हॉस्पिटल में 6 से 8 लाख रुपए आता है खर्च

रांची सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने जटिल थोरैसिक डिकॉर्टिकेशन सर्जरी सफलतापूर्वक कर नया मुकाम हासिल किया। निजी अस्पतालों से निराश मरीज का मुफ्त इलाज कर सरकारी स्वास्थ्य सेवा की मिसाल पेश की।

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रांची: राजधानी के सदर अस्पताल ने इतिहास रच दिया है। अस्पताल के डॉक्टरों ने धनबाद से आए एक गंभीर मरीज की अत्यंत जटिल थोरैसिक डिकॉर्टिकेशन’ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। निजी अस्पतालों द्वारा हाथ खड़े कर देने के बाद सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने न सिर्फ इस चुनौती को स्वीकार किया, बल्कि राज्य की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को एक नए शिखर पर पहुंचा दिया। धनबाद का रहने वाला यह मरीज लंबे समय से क्रॉनिक एम्पायमा नामक गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। उसके सीने में गाढ़ा मवाद और थक्के जम गए थे, जिसके कारण उसका सांस लेना दूभर हो गया था। मरीज को दिल से जुड़ी बीमारियां (कार्डियक कोमोरबिडिटीज) भी थीं। इस हाई-रिस्क प्रोफाइल को देखते हुए रांची के कई बड़े प्राइवेट अस्पतालों ने सर्जरी करने से मना कर दिया था। इसके अलावा बड़े शहरों के निजी अस्पतालों में इस ऑपरेशन का खर्च 6 से 8 लाख रुपए तक आता है।

पूरी तरह ‘मुफ्त’ किया गया ऑपरेशन

सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत ‘डिकॉर्टिकेशन सर्जरी’ करने का फैसला लिया। ऑपरेशन के दौरान ही मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार देखा गया। इस जटिल प्रक्रिया के साथ-साथ मरीज की डायग्नोस्टिक थोराकोस्कोपी और ब्रोंकोस्कोपी भी की गई। राहत की बात यह है कि निजी अस्पतालों में लाखों रुपये में होने वाली यह सर्जरी सदर अस्पताल में पूरी तरह मुफ्त की गई। टीम में ओंकोसर्जन डॉ. अभिनव के नेतृत्व में संपन्न हुआ। डॉ अखिलेश, डॉ. सौविक, डॉ. दीपक, डॉ. आंचल, डॉ. विकास शामिल थे। अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभात के मार्गदर्शन में ये सर्जरी की गई।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।