


मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत के पास वैश्विक वित्त की भावी व्यवस्था का ढांचा निर्धारित करने में एक भरोसेमंद भागीदार बनने का अवसर है।





उन्होंने यहां वैश्विक फिनटेक सम्मेलन में कहा कि केंद्रीय बैंक अगली पीढ़ी की वित्तीय सेवाओं के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना तैयार करने पर भी काम कर रहा है। उन्होंने एकीकृत ऋण सुविधा (यूएलआई) का उदाहरण दिया।
