रिम्स में डेंटल सिम्युलेटर वर्कशॉप, छात्र और फैकल्टी ने सीखी आधुनिक तकनीक

रिम्स रांची में आयोजित डेंटल सिम्युलेटर वर्कशॉप में छात्रों को आधुनिक वर्चुअल तकनीक से दंत चिकित्सा का प्रशिक्षण दिया गया। वॉक्सेल-मैन सिम्युलेटर ने व्यावहारिक सीखने का नया अनुभव दिया।

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रांची: रिम्स के डेंटल इंस्टीट्यूट में कंजरवेटिव, एंडोडोंटिक्स एंड एस्थेटिक डेंटिस्ट्री विभाग की ओर से ट्रॉमा सेंटर के ऑडिटोरियम में एक दिवसीय डेंटल सिम्युलेटर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में मुख्य वक्ता डॉ. मयंक कुमार ने उपस्थित छात्रों और फैकल्टी सदस्यों को सिम्युलेटर पर आधारित आधुनिक दंत चिकित्सा प्रशिक्षण तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। यह आयोजन रिम्स के निदेशक सह सीईओ और मुख्य संरक्षक डॉ. डी. के. सिन्हा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। जिसमें डीन एकेडमिक्स डॉ. राजीव मिश्रा, डीन एग्जामिनेशन डॉ. मनोज कुमार तथा प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश एम बी भी मौजूद रहे।

कार्यशाला का मुख्य आकर्षण ‘वॉक्सेल-मैन डेंटल वर्चुअल सिम्युलेटर’ रहा, जो 3D एचडी डिस्प्ले, डुअल हैप्टिक डिवाइस और सीटी स्कैन आधारित वास्तविक मरीज डेटा जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसके जरिए प्रतिभागियों को कैविटी प्रिपरेशन, एंडोडोंटिक्स, इम्प्लांटोलॉजी और एपिकोएक्टोमी का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया, जिसमें उन्हें रियल-टाइम फीडबैक भी मिला। फैकल्टी सदस्यों ने बताया कि इस तकनीक से छात्रों को वास्तविक मरीजों का इलाज करने से पहले एक सुरक्षित वातावरण में अपनी सटीकता, हाथ और आंख के समन्वय तथा नैदानिक आत्मविश्वास को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इस सफल आयोजन को रिम्स रांची में तकनीक-आधारित दंत चिकित्सा शिक्षा की दिशा में एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।