रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने वर्ष 2027 के लिए राज्य के सभी सिविल कोर्टों का अवकाश कैलेंडर जारी कर दिया है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी अधिसूचना के बाद न्यायिक कार्यों से जुड़े लोगों, वकीलों और आम नागरिकों को अब पहले से छुट्टियों की जानकारी मिल सकेगी।

मई-जून में हाईकोर्ट में रहेगा समर ब्रेक
जारी कैलेंडर के अनुसार झारखंड हाईकोर्ट में गर्मी की छुट्टियां 17 मई 2027 से शुरू होकर 5 जून 2027 तक रहेंगी। इस अवधि में हाईकोर्ट में नियमित न्यायिक कार्य नहीं होंगे। वहीं होली के अवसर पर हाईकोर्ट और सिविल कोर्टों के लिए अलग-अलग अवकाश निर्धारित किया गया है। सिविल कोर्टों में 22 मार्च से 27 मार्च 2027 तक छुट्टी रहेगी, जबकि हाईकोर्ट में 20 मार्च से 27 मार्च 2027 तक अवकाश घोषित किया गया है।
दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पर लंबा अवकाश
झारखंड में दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ प्रमुख त्योहारों में शामिल हैं। इन्हें देखते हुए अदालतों में भी लंबी छुट्टियां निर्धारित की गई हैं। कैलेंडर के मुताबिक पूजा अवकाश को दो चरणों में बांटा गया है। पहला चरण 4 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2027 तक रहेगा। इसके बाद दूसरा चरण 27 अक्टूबर से 6 नवंबर 2027 तक चलेगा। इस दौरान अदालतों में नियमित कामकाज कई दिनों तक प्रभावित रहेगा और त्योहारों के कारण लंबा अवकाश मिलेगा।
क्रिसमस के दौरान भी बंद रहेंगे कोर्ट
साल के अंतिम महीने में भी अदालतों में अवकाश रहेगा। सिविल कोर्टों में 25 दिसंबर से 31 दिसंबर 2027 तक छुट्टी घोषित की गई है। वहीं झारखंड हाईकोर्ट में क्रिसमस अवकाश 23 दिसंबर से 31 दिसंबर 2027 तक रहेगा। इसके बाद नए साल में न्यायिक कार्य तय कार्यक्रम के अनुसार शुरू होंगे।
कुछ छुट्टियां केवल चुनिंदा जिलों के लिए
हाईकोर्ट द्वारा जारी कैलेंडर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी छुट्टियां पूरे राज्य में एक समान लागू नहीं होंगी। कुछ अवकाश केवल विशेष न्यायमंडलों के लिए निर्धारित किए गए हैं। पौष पूर्णिमा के अवसर पर केवल गिरिडीह न्यायमंडल में अवकाश रहेगा। इसी तरह मनसा पूजा पर बोकारो, धनबाद और जामताड़ा न्यायमंडल में छुट्टी घोषित की गई है। वहीं ईस्टर संडे का अवकाश केवल मसीही (ईसाई) कर्मचारियों के लिए लागू होगा।
मुस्लिम त्योहारों की छुट्टियों में हो सकता है बदलाव
मुस्लिम पर्वों की छुट्टियों को लेकर कैलेंडर में विशेष प्रावधान रखा गया है। चांद दिखने के आधार पर यदि आवश्यकता हुई तो संबंधित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और रांची के न्यायायुक्त अवकाश की तारीखों में बदलाव कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहारों की वास्तविक तिथि के अनुसार छुट्टियां प्रभावी रूप से लागू की जा सकें।


