रिम्स में फैक्टर और एमीसिज़ुमैब की किल्लत, सेक्रेट्री ने मरीजों के हित में लगाई गुहार

रिम्स में हीमोफीलिया और थैलेसीमिया की जीवनरक्षक दवाओं की कमी से मरीजों का इलाज प्रभावित है। सोसाइटी ने दवाओं की उपलब्धता और स्थायी हेमेटोलॉजिस्ट नियुक्ति की मांग की।

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रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में हीमोफीलिया और थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों की जीवनरक्षक दवाओं की भारी किल्लत हो गई है, जिससे मरीजों का इलाज ठप पड़ने की नौबत आ गई है। हीमोफीलिया सोसाइटी रांची चैप्टर के सचिव संतोष कुमार जायसवाल ने रिम्स निदेशक को पत्र लिखकर इस ओर तत्काल ध्यान देने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि जुलाई 2024 में प्रकाशित निविदा के बावजूद दवा विभाग और शिशु रोग विभाग की अनुशंसित दवाएं जैसे फैक्टर VIII, IX, VWD और एमीसिज़ुमैब अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। आलम यह है कि पूरे झारखंड से आपात स्थिति में रिम्स पहुंचे मरीजों को बिना दवा के मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे डॉक्टरों के लिए भी इलाज करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

इसके अलावा सोसाइटी ने आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के तहत हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल रोग से पीड़ित परिवारों के लिए प्रसव पूर्व जांच और कैरियर डिटैक्शन की सुविधा किफायती या मुफ्त दर पर शुरू करने का आग्रह किया है, ताकि इन आनुवंशिक बीमारियों को अगली पीढ़ी में फैलने से रोका जा सके। पत्र में इस बात पर भी चिंता जताई गई है कि रिम्स में लाखों मरीजों के होने के बावजूद अब तक स्थाई हेमेटोलॉजिस्ट की नियुक्ति और एक समर्पित विभाग की स्थापना नहीं हुई है। सोसाइटी ने रिम्स प्रशासन से जल्द से जल्द दवाएं उपलब्ध कराने और विशेषज्ञ सेवाओं को शुरू करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि प्रतिलिपि मेल के माध्यम से अधीक्षक, प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, एमपी रांची, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई है। ये चौथी बार रिमाइंडर भेजा गया है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।