रिम्स के सर्जरी और मैटरनिटी वार्ड में मरीज को इन्फेक्शन का सता रहा डर, छत से बेड पर टपक रहा पानी, दीवारों में सिपेज से पनप रहे फंगस

रांची के रिम्स अस्पताल में बदहाल व्यवस्था से मरीज परेशान हैं। वार्डों में छत से पानी टपक रहा है, दीवारों पर फंगस और कैंपस में गंदे पानी का जमाव है।

3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

कैंपस में जगह-जगह जमा है ड्रेनेज का गंदा पानी, मरीज का सांस लेना भी हुआ मुश्किल

अस्पताल के बेसमेंट में ही चल रहा है डेंगू मलेरिया जैसे गंभीर बीमारियों का इलाज

प्लास्टिक डालकर दावाओं को बचा रही वार्ड की नर्स

रांची: राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों को बीमारी से राहत तो मिल रही हैं। लेकिन अब उन्हें संक्रमण का डर सता रहा है। अस्पताल के सर्जरी और मैटरनिटी वार्ड की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कई जगह छत से पानी सीधे मारीों के बेड पर टपक रहा है, जबकि दीवारों में सीपेज के कारण फंगस पनप गया है। ऐसे माहौल में मरीजों और उनके परिजनों को संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। बारिश के दौरान वार्ड की स्थिति और खराब हो गई है। छत से पानी टपकने के कारण मरीजों के बेड और आसपास रखी जरूरी सामग्री को बचाने के लिए प्लास्टिक का सहारा लेना पड़ रहा है। वार्ड में मौजूद नर्सें दवाओं और अन्य सामान को पानी से बचाने के लिए प्लास्टिक डालकर रख रही हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में इलाज कराने आए हैं, लेकिन यहां की बदहाल व्यवस्था से संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है। वही ड्यूटी में तैनात नर्स ने बताया कि कि हम लोग दवा को बचाए या मरीजों को। यह स्थिति पिछले साल से भी खराब हो चुकी है। पहले भी समस्या को लेकर शिकायत की गई थी। लेकिन आज तक इसका समाधान नहीं हो पाया।

12 ड्रेनेज का गंदा पानी, दुर्गंध से लोग परेशान

सिर्फ वार्ड ही नहीं रिम्स कैंपस के कई हिस्सों में ड्रेनेज का गंदा पानी जमा है। इससे दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। मरीजों और उनके परिजनों को सांस लेने में भी परेशानी होने की शिकायत है। जलजमाव के कारण मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। दुर्गंध के कारण लोग बाहर गैलरी में खड़े भी नहीं हो पा रहे। सबसे गंभीर स्थिति अस्पताल के बेसमेंट की बताई जा रही है, जहां डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। ऐसे स्थान पर साफ-सफाई और जल निकासी की खराब व्यवस्था मरीजों के लिए सर दर्द बनी हुई है।

हर दिन ओपीडी में आते है 2 हजार मरीज

रिम्स में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ओपीडी में हर दिन जहां 2000 मरीज इलाज के लिए पहुंचते है। वहीं इंनडोर में 1500 से ज्यादा मरीज एडमिट है।वार्डों में सीपेज, फंगस, जलजमाव और गंदगी की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है। अस्पताल प्रबंधन से मरीजों के हित में वार्डों की मरम्मत, जल निकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने की मांग उठ रही है।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।