छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति न करें बाबूलाल : ऋषिकेश सिंह

ऋषिकेश सिंह ने बाबूलाल मरांडी पर छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया और भाजपा से छात्र हित में समाधान की राजनीति करने की अपील की।

News Aroma
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रांची : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव सह प्रदेश प्रवक्ता ऋषिकेश सिंह ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि बाबूलाल मरांडी छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति न करें। छात्रों के भविष्य और उनके आंदोलन को राजनीतिक स्वार्थ का हथियार बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे छात्रों का दर्द नहीं, बल्कि आपकी सत्ता की भूख साफ दिखाई दे रही है।

ऋषिकेश सिंह ने कहा कि छात्रों के साथ हिंसा या दुर्व्यवहार का कांग्रेस स्पष्ट विरोध करती है। दोषी कोई भी हो, निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन जांच से पहले राजनीतिक बयानबाजी कर माहौल बिगाड़ना भी दुर्भाग्यपूर्ण है।

ऋषिकेश सिंह ने कहा कि अमित शाह से मुलाकात के बाद झारखंड भाजपा नेताओं की छात्र आंदोलन में अचानक बढ़ी सक्रियता कई सवाल खड़े करती है। क्या भाजपा नेता दिल्ली से झारखंड में अराजकता और राजनीतिक अशांति फैलाने का टास्क लेकर लौटे हैं? भाजपा के नेता छात्र नेता बनकर आंदोलन में घुस रहे हैं, छात्रों को भड़का रहे हैं और उनके आंदोलन को सरकार विरोधी राजनीतिक अभियान में बदलना चाहते हैं। छात्रों का आंदोलन उनके अधिकारों की लड़ाई है, भाजपा की राजनीतिक प्रयोगशाला नहीं।

ऋषिकेश सिंह ने कहा कि कुछ कोचिंग माफिया छात्रों को भड़काकर भाजपा के राजनीतिक एजेंडे को हवा दे रहे हैं। शिक्षा की आड़ में राजनीति करने वाले ऐसे लोग छात्रों के हितैषी नहीं, अपने स्वार्थ के सौदागर हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे कोचिंग माफिया और भाजपा के बहकावे में न आएं तथा अपने भविष्य को किसी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा का हथियार न बनने दें।

ऋषिकेश सिंह ने बाबूलाल मरांडी से पूछा कि यदि भाजपा वास्तव में छात्रों के साथ है तो वह समाधान की राजनीति क्यों नहीं करती? हर छात्र आंदोलन को राजनीतिक टकराव में बदलना और फिर खुद को छात्रों का मसीहा बताना भाजपा की दोहरी राजनीति है।

ऋषिकेश सिंह ने कहा कि राहुल गांधी जी पर सवाल उठाने से पहले बाबूलाल मरांडी को तथ्य देख लेना चाहिए। राहुल गांधी जी ने छात्रों की चिंता को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को पत्र लिखकर छात्रों के हित में आवश्यक कदम उठाने और समाधान का रास्ता निकालने के सुझाव दिए हैं। इसलिए राहुल गांधी जी की “चुप्पी” का आरोप पूरी तरह राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है।

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