एसबीआई को एनआरआई, विदेशी निवेशकों से 10 अरब डॉलर जुटने की उम्मीद

एसबीआई चेयरमैन सीएस शेट्टी को 31 अगस्त तक करीब 10 अरब डॉलर जुटाने की उम्मीद है। बैंक ने 2030 तक कुल कारोबार 200 लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा।

3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

नयी दिल्ली: भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की रियायती मुद्रा अदला-बदली सुविधा इस महीने के अंत में बंद होने से पहले करीब 10 अरब डॉलर जुटाने की उम्मीद है।
शेट्टी ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘कुल मिलाकर हमें 10 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंचना चाहिए। इसमें मुख्य रूप से जमा राशि का योगदान होगा। हालांकि, विदेशी वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) के मामले में भी संभावनाएं हैं। ईसीबी के लिए हमारे पास अधिक समय रहेगा, लेकिन 31 अगस्त तक हमें कुल करीब 9-10 अरब डॉलर जुटा लेने चाहिए।’’
भारतीय रिजर्व बैंक ने इस महीने की शुरुआत में विदेशी मुद्रा प्रवासी बैंक (एफसीएनआर-बी) जमा के लिए मुद्रा अदला-बदली सुविधा को एक महीने पहले बंद करने का फैसला किया था। अब यह सुविधा पहले तय 30 सितंबर के बजाय 31 अगस्त को बंद होगी।

विदेशी वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) जुटाने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को सस्ती मुद्रा से जोखिम के बचाव की सुविधा देने वाली विशेष डॉलर-रुपया अदला-बदली सुविधा 31 दिसंबर, 2026 तक उपलब्ध रहेगी।
एसबीआई की ‘दृष्टिकोण 2030’ रणनीति के बारे में पूछे जाने पर शेट्टी ने कहा कि बैंक का लक्ष्य अपने कुल कारोबार को दोगुना कर करीब 200 लाख करोड़ रुपये करने का है।

वर्ष 2030 में बैंक को स्थापित हुए 75 वर्ष पूरे होंगे। एसबीआई की स्थापना एक जुलाई, 1955 को संसद के एक कानून के जरिये हुई थी। इस कानून में अन्य बातों के अलावा इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया के कारोबार को एसबीआई को हस्तांतरित करने का प्रावधान किया गया था।

बैंक ने गत वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी (जुलाई-सितंबर) तिमाही में 100 लाख करोड़ रुपये के कुल कारोबार का आंकड़ा पार किया था। कुल कारोबार में कुल ऋण एवं अग्रिम शामिल हैं। जून, 2026 के अंत तक यह बढ़कर 110.01 लाख करोड़ रुपये हो गया। ‘प्लैटिनम’ जयंती वर्ष के लिए बैंक ने कोई विशेष लक्ष्य तय किया है या नहीं, इस सवाल पर शेट्टी ने कहा कि कोई औपचारिक लक्ष्य नहीं है। हालांकि, बैंक की मौजूदा वृद्धि दर के आधार पर 2030 तक उसका कुल कारोबार 170-180 लाख करोड़ रुपये और संभवतः 200 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

शेट्टी ने कहा कि एसबीआई के परिचालन का आकार भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन से निकटता से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि अगर भारतीय अर्थव्यवस्था सात-आठ प्रतिशत की दर से बढ़ती रहती है तो एसबीआई के बही-खाते में सालाना करीब 11-12 प्रतिशत की वृद्धि की क्षमता है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर भारतीय अर्थव्यवस्था सात-आठ प्रतिशत की दर से बढ़ती है और हमारे बही-खाते में 11-12 प्रतिशत की वृद्धि की क्षमता है, तो इसका मतलब है कि हर छह साल में एसबीआई का बही-खाता दोगुना होगा। इसलिए 2030 तक हमारे कुल कारोबार के 200 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।’’

Share This Article
Avantika Raj Choudhary एक अनुभवी और बहुआयामी पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का समृद्ध अनुभव प्राप्त है। इस दौरान उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग और वेबसाइट संचालन जैसे मीडिया के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। खबरों की गहरी समझ, प्रभावशाली प्रस्तुति और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को संवेदनशीलता के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता उन्हें एक सशक्त मीडिया प्रोफेशनल बनाती है। अपने करियर के दौरान Avantika ने Jharkhand Live, The Fourth Pillar, 22 Scope और Khabar Mantra जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया है, जहाँ उन्होंने अपनी पेशेवर दक्षता, मेहनत और रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। एंकर के रूप में उनकी प्रभावशाली संवाद शैली, रिपोर्टर के रूप में जमीनी हकीकत को सामने लाने की क्षमता, और स्क्रिप्ट राइटर के रूप में सटीक एवं आकर्षक लेखन ने उन्हें मीडिया जगत में एक अलग पहचान दिलाई है। डिजिटल और ग्राउंड मीडिया दोनों प्लेटफॉर्म्स पर कार्य करने का अनुभव रखने वाली Avantika Raj Choudhary पत्रकारिता के बदलते स्वरूप के साथ खुद को निरंतर अपडेट करती रही हैं। उनकी कार्यशैली में निष्पक्षता, समर्पण और दर्शकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का उद्देश्य स्पष्ट रूप से झलकता है। मीडिया इंडस्ट्री में उनका यह अनुभव और कौशल उन्हें भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियों की ओर अग्रसर करता है.