जमशेदपुर में नाटक ‘डैड्स गर्लफ्रेंड’ के मंचन के लिए झारखंड पहुंचे अभिनेता, जनजातीय एवं ग्रामीण बच्चों की शिक्षा के उद्देश्य से आयोजित है कार्यक्रम
तमाड़ (रांची) : चर्चित टीवी धारावाहिक ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में तारक मेहता की भूमिका निभाकर घर-घर में लोकप्रिय हुए प्रसिद्ध अभिनेता एवं कवि शैलेश लोढ़ा ने रविवार को झारखंड के प्रसिद्ध मां दिउड़ी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और मां का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ उनकी पूरी टीम भी मौजूद रही। मंदिर के पुजारी सूरज पांडा ने विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न कराई तथा अभिनेता और उनकी टीम को मां की पूजा-अर्चना कराई।

सामाजिक उद्देश्य से झारखंड पहुंचे हैं शैलेश लोढ़ा
प्राप्त मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शैलेश लोढ़ा झारखंड के जमशेदपुर में अपने चर्चित हास्य नाटक ‘डैड्स गर्लफ्रेंड’ के मंचन के सिलसिले में पहुंचे हैं। 24 अक्टूबर को जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित नरभेराम स्कूल परिसर के कुसुम कमानी ऑडिटोरियम में इस नाटक का मंचन निर्धारित था। कार्यक्रम का आयोजन फ्रेंड्स ऑफ ट्राइबल सोसाइटी (वनबंधु परिषद) की जमशेदपुर इकाई की ओर से किया गया, जिसका उद्देश्य जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा के लिए सहयोग जुटाना है। इस प्रकार उनकी झारखंड यात्रा मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक उद्देश्य से भी जुड़ी है।
ऐतिहासिक मां दिउड़ी मंदिर में की पूजा-अर्चना
तमाड़ स्थित मां दिउड़ी मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। रांची-टाटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित यह मंदिर राजधानी रांची से लगभग 60 किलोमीटर दूर है। मंदिर में विराजमान मां दुर्गा की 16 भुजाओं वाली प्राचीन प्रतिमा श्रद्धालुओं की विशेष आस्था का केंद्र है। यहां देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
मां दिउड़ी मंदिर में शैलेश लोढ़ा का आगमन क्षेत्र के लिए खास रहा। मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान उन्होंने मां का आशीर्वाद लिया. उनकी टीम ने भी पूजा में भाग लिया. टीवी और साहित्य जगत में अपनी अलग पहचान रखने वाले शैलेश लोढ़ा की झारखंड यात्रा ने एक ओर जहां जमशेदपुर में सांस्कृतिक गतिविधियों को चर्चा में ला दिया, वहीं मां दिउड़ी मंदिर में उनकी उपस्थिति भी आकर्षण का केंद्र बनी.
उल्लेखनीय है कि शैलेश लोढ़ा अभिनेता होने के साथ-साथ प्रतिष्ठित कवि, लेखक और मंच संचालक भी हैं. ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ से उन्हें देशव्यापी लोकप्रियता मिली. अपनी साहित्यिक अभिव्यक्ति और हास्य प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्होंने दर्शकों के बीच विशिष्ट पहचान बनाई है.


