
रांची : कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा है कि विद्यार्थियों को मिला सम्मान उनकी उपलब्धियों का अंत नहीं, बल्कि एक नए और उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने, शिक्षा में निरंतरता बनाए रखने तथा किसी भी परिस्थिति में पढ़ाई बीच में नहीं छोड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने बुधवार को इटकी प्रखंड परिसर में आयोजित भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी सम्मान समारोह में मंत्री ने मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को मोमेंटो एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर पात्र विद्यार्थियों के बीच साइकिलों का भी वितरण किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि इस सम्मान समारोह की शुरुआत लगभग 20 वर्ष पूर्व उस समय हुई थी, जब वे जनप्रतिनिधि भी नहीं थीं। सीमित संसाधनों के बावजूद यह परंपरा निरंतर चलती रही और आज भी उसी समर्पण एवं उद्देश्य के साथ आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल प्रमाणपत्र और स्मृति-चिह्न प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, निरंतर आगे बढ़ने तथा समाज में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए प्रेरित करने का माध्यम भी है।
उन्होंने कहा कि इस मंच से सम्मानित होकर अनेक विद्यार्थी आज डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, प्रशासनिक सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुके हैं। उन्हें विश्वास है कि इस वर्ष सम्मानित होने वाले विद्यार्थी भी अपने परिवार, समाज और राज्य का नाम रोशन करेंगे।
मंत्री ने कहा कि किसी भी उपलब्धि के बाद आत्मसंतुष्ट होकर रुक जाना प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बन सकता है। सफलता उन्हीं को मिलती है जो निरंतर सीखते हैं, कठिन परिश्रम करते हैं और अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ते रहते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते ड्रॉपआउट पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आज भी अनेक छात्र-छात्राएँ दसवीं अथवा बारहवीं के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं। कई बार एक वर्ष का अनावश्यक ड्रॉप भी विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करता है। उन्होंने अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से आग्रह किया कि किसी भी परिस्थिति में शिक्षा की निरंतरता बनाए रखें तथा उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ते रहें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपने जीवन का लक्ष्य स्पष्ट रूप से निर्धारित करना चाहिए। जब लक्ष्य स्पष्ट होगा, तभी उसी दिशा में योजनाबद्ध तैयारी कर सफलता प्राप्त की जा सकती है।
मंत्री ने इटकी में अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की स्थापना को पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए इसके लिए राज्य के माननीय मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े शैक्षणिक संस्थान की स्थापना से रोजगार एवं नए अवसरों का सृजन होता है, लेकिन इन अवसरों का लाभ स्थानीय युवाओं को तभी मिलेगा, जब वे स्वयं को योग्य, सक्षम एवं प्रतिस्पर्धी बनाएँगे। यदि स्थानीय युवाओं में आवश्यक योग्यता नहीं होगी तो इन अवसरों का लाभ अन्य लोग उठाएँगे। इसलिए अभी से कौशल विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज के समय में भ्रामक सूचनाओं, दुष्प्रचार और नकारात्मक प्रचार से सावधान रहने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को सही जानकारी पर विश्वास करना चाहिए, सकारात्मक सोच अपनानी चाहिए तथा अपना पूरा ध्यान शिक्षा, ज्ञान और कौशल विकास पर केंद्रित रखना चाहिए।
अपने संबोधन के अंत में मंत्री ने कहा कि इटकी क्षेत्र में पिछले वर्षों में अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए हैं और कई नई योजनाओं पर कार्य जारी है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से विकास की इस यात्रा में अपना विश्वास एवं सहयोग बनाए रखने की अपील की।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।
मैट्रिक परीक्षा में इटकी प्रखंड के टॉप-3 विद्यार्थी
झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की मैट्रिक परीक्षा में तस्मिया परवीन ने 500 में 489 अंक (97.80%) प्राप्त कर प्रखंड में प्रथम स्थान हासिल किया। वे बालिका उच्च विद्यालय, इटकी की छात्रा हैं तथा उनके पिता का नाम मो. नुमान अली है।
सिदरा फारूक़ी ने 486 अंक (97.20%) प्राप्त कर द्वितीय स्थान हासिल किया। वे एसडीए मिशन हाई स्कूल, इटकी की छात्रा हैं।
सिदरा तक़दीस ने 483 अंक (96.60%) प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया। वे फातिमा एकेडमी, इटकी की छात्रा हैं तथा उनके पिता का नाम मुमताज़ अंसारी है।
इंटरमीडिएट (विज्ञान) में टॉप-3
सरकारी प्लस-2 उच्च विद्यालय, शंकरी की छात्रा शीबा फलक ने 452 अंक (90.40%) प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया।
इसी विद्यालय के छात्र हुज़ैफ़ा शफ़ी ने 422 अंक (84.40%) प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
वहीं तस्नीम गौहर एवं ज़ैद आलम ने 414-414 अंक (82.80%) प्राप्त कर संयुक्त रूप से तृतीय स्थान हासिल किया।
इंटरमीडिएट (कला) में टॉप-3
जे.बी.ए.वी., इटकी की छात्रा ममता कुमारी ने 443 अंक (88.60%) प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया।
राजकीय +2 उच्च विद्यालय, शंकरी की छात्रा मोसद्दीक़ुआ परवीन ने 435 अंक (87.00%) प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
साहेबा फिरदौस एवं ज़ीनत परवीन ने 434-434 अंक (86.80%) प्राप्त कर संयुक्त रूप से तृतीय स्थान हासिल किया।
इंटरमीडिएट (कॉमर्स) में टॉप-3
राजकीय +2 उच्च विद्यालय, शंकरी की छात्रा नगमा परवीन ने 386 अंक (77.20%) प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया।
इसी विद्यालय की ऐमन परवीन ने 352 अंक (70.40%) प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
सानिया महविश ने 339 अंक (67.80%) प्राप्त कर तृतीय स्थान हासिल किया।
कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी गिरेन्द्र टूटी, प्रखंड अध्यक्ष रमेश महली, राजन किस्पोट्टा, अबूमाज़, फिरोज अख्तर, उपप्रमुख प्रवेज राजा, अब्बास अंसारी, अजय मिंज, राजेश तिर्की, मुर्तुजा आलम, अबरार इमाम, हाजी अलीहसन, आलोक गोप, अजय गोप, रहमान अंसारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।

