नेतरहाट के करमखाड़ मिडिल स्कूल की जर्जर बिल्डिंग बनी मौत का फरमान: कभी भी गिर सकती है छत, बच्चों में दहशत

Archana Ekka
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महुआडांड़ : महुआडांड़ शिक्षा के मंदिर में पढ़ने वाले बच्चे अपनी जान हथेली पर रखकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। नेतरहाट पंचायत स्थित मिडिल स्कूल करमखाड़ की बिल्डिंग कई वर्षों से जर्जर हालत में है और कभी भी भरभराकर गिर सकती है।
स्कूल के बच्चों ने बताया कि क्लासरूम की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें हैं।

छत से प्लास्टर और ईंटें टूट-टूटकर गिरती रहती हैं। हमलोग को हर समय खतरे का डर बना रहता है।नेतरहाट पंचायत के मुखिया राम बिशुन नागेसिया ने बताया कि स्कूल की जर्जर स्थिति की जानकारी जिला प्रशासन को दी गई है। ग्रामीणों ने लातेहार उपायुक्त संदीप कुमार से मांग की है कि जर्जर भवन को तुरंत बंद कर बच्चों की सुरक्षा के लिए नए स्कूल भवन का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि शिक्षा और सुरक्षा दोनों जरूरी हैं।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सनमार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।