
Shravani Mela 2026 : राजकीय श्रावणी मेले में चौथे दिन रविवार को मंदिर परिसर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह चार बजकर दस मिनट पर मंदिर का पट खुलते ही भक्तों ने अरघा सिस्टम के जरिये जलार्पण करना शुरु कर दिया। शिवभक्तों की बोल बम की गूंज से रूट लाइन गुंजायमान है और सभी कांवरिया कतारबद्ध हो बाबा का जयघोष करते हुए निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
मेले का शुभारंभ गुरुवार को पूरे धार्मिक उत्साह और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ हुआ था। तड़के 3:05 बजे बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद रात्रि में अर्पित पूजा सामग्री हटाकर बाबा भोलेनाथ की कच्चा जल पूजा संपन्न कराई गई। इस दौरान मंदिर परिसर में पुरोहित समाज के अनेक सदस्य मौजूद रहे और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।

सावन के पहले दिन मंदिर के महंत श्रीश्री सरदार पांडा गुलाबनंद ओझा ने बाबा बैद्यनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की। दूध, दही, वस्त्र और अन्य पूजन सामग्रियों से बाबा का श्रृंगार एवं भोग अर्पित किया गया. पूजा संपन्न होने के बाद सुबह 4:05 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी। इसके साथ ही “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया.

इस वर्ष प्रशासन की ओर से कूपनधारी और सामान्य श्रद्धालुओं की अलग-अलग कतारों के लिए बनाए गए नए ओवरब्रिज का सकारात्मक असर देखने को मिला। इससे भीड़ प्रबंधन बेहतर हुआ और जलार्पण की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित एवं तेज रही।

