सरकार की इच्छाशक्ति, सांसद की पहल और सेना की मेहनत से दूधिया में ब्रिज बनकर तैयार

भारी बारिश से संपर्क टूटने के बाद सेना ने दूधिया में अस्थायी फुट ब्रिज बनाकर लोगों को राहत दी। अब पैदल आवाजाही शुरू हो गई है, जबकि स्थायी पुल निर्माण जारी है।

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सिलीगुड़ी: भारी बारिश और नदी में उफान के कारण संपर्क टूटने के बाद अब भारतीय सेना की सक्रियता से दूधिया इलाके में लोगों को बड़ी राहत मिली है। दूधिया में सेना ने एक फुट ब्रिज का निर्माण किया है। इससे यहां के लोगों में खुशी का माहौल है। कहते है इच्छाशक्ति अगर प्रबल हो तो बालू से भी तेल निकाला जा सकता है। कुछ ऐसा ही लोकप्रिय सांसद और वर्तमान बंगाल सरकार ने कर दिखाया है। इस नव निर्मित ब्रिज जिस पर बुधवार से पैदल आवागमन शुरू हो गया है। फिलहाल वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। सेना ने मंगलवार शाम से ही अस्थायी फुटब्रिज बनाने का काम शुरू कर दिया था। करीब 100 फीट लंबा यह पुल तैयार होने के बाद लोग सिलीगुड़ी से दूधिया तक वाहन से आकर, फिर पैदल नदी पार कर दूसरी ओर से मिरिक के लिए दूसरी गाड़ी पकड़ सकेंगे।

इस बीच, राज्य के लोक निर्माण विभाग की प्रमुख सचिव अंतरा आचार्य के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने मंगलवार को मौके का निरीक्षण किया। इसके बाद सिलीगुड़ी स्टेट गेस्ट हाउस में उच्चस्तरीय बैठक भी हुई। अधिकारियों के मुताबिक, स्थायी पुल का निर्माण अगले साल फरवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

गौरतलब है कि पिछले साल चार अक्टूबर को बालासन नदी में बाढ़ के कारण पुराना लोहे का पुल बह गया था, जिससे सिलीगुड़ी-दूधिया-मिरिक के बीच संपर्क टूट गया था। बाद में अस्थायी रूप से ह्यूम पाइप डालकर पुल बनाया गया था, लेकिन हाल ही में भारी बारिश के चलते वह भी क्षतिग्रस्त हो गया। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने सेना से वैकल्पिक पुल बनाने की मदद मांगी। सेना अब यहां बेली ब्रिज का निर्माण कर रही है।

मिली जानकारी के अनुसार, यह पुल करीब 200 फीट लंबा होगा, जबकि नदी की चौड़ाई लगभग 350 फीट है। ऐसे में बाकी हिस्से को बांध बनाकर स्थिर किया जाएगा। निर्माण पूरा होने के बाद इस पुल से यात्री वाहनों के साथ छोटे मालवाहक वाहन भी गुजर सकेंगे। फिलहाल, प्रशासन और सेना की इस पहल से स्थानीय लोगों को अस्थायी राहत मिलती नजर आ रही है, हालांकि पूर्ण यातायात बहाल होने में अभी समय लगेगा।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।