रांची: झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत दावा और आपत्ति चरण में राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर 15 अगस्त को ग्राम सभा आयोजित की जाएगी। इस दौरान प्रारूप मतदाता सूची का सार्वजनिक सत्यापन किया जाएगा और मतदाताओं से दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद Manual of Electoral Rolls, 2023 के प्रावधानों के अनुसार 15 अगस्त को सभी मतदान केंद्रों पर ग्राम सभा आयोजित होगी, ताकि मतदाता सूची में मौजूद त्रुटियों का समय रहते निराकरण किया जा सके।

उन्होंने सभी विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ERO) को निर्देश दिया है कि ग्राम सभा के दौरान बूथ स्तर अधिकारी (BLO) प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज सभी मतदाताओं के नाम सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाएं। साथ ही 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र भारतीय नागरिकों से फॉर्म-6 भरवाकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का अनुरोध करें।
यदि किसी मतदाता के विवरण में त्रुटि हो तो उसे फॉर्म-8 के माध्यम से सुधार का अवसर दिया जाएगा। ग्राम सभा के व्यापक प्रचार-प्रसार में चुनाव पाठशाला के सदस्यों का भी सहयोग लिया जाएगा।
SIR अभियान की अब तक की स्थिति
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार राज्य में कुल 2,64,63,236 मतदाता हैं। इनमें से 2,64,54,725 (99.97%) मतदाताओं तक गणना प्रपत्र (Enumeration Form) पहुंचाए जा चुके हैं। अब तक 2,58,60,708 (97.72%) गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है, जबकि 2,18,55,891 हस्ताक्षरित प्रपत्रों के आधार पर 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची तैयार की जाएगी।
वहीं, 40,04,817 गणना प्रपत्र अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं। इसके अलावा 7,43,658 मतदाताओं को मृत, 12,77,539 को अनुपस्थित अथवा पता नहीं चलने वाला, 15,12,910 को स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा 4,09,474 मतदाताओं का नाम अन्य स्थानों पर पहले से दर्ज पाया गया है। वहीं 61,236 मतदाताओं ने गणना प्रपत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि ग्राम सभा का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।


