बिजली बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एसएन वर्मा की बढ़ी मुश्किलें, सीबीआई ने तय किया आरोप

सिकिदिरी हाइडल प्रोजेक्ट में 20.87 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने झारखंड बिजली बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एसएन वर्मा पर आरोप तय किए।

Archana Ekka
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रांची : बहुचर्चित सिकिदिरी हाइडल प्रोजेक्ट (स्वर्णरेखा जल विद्युत परियोजना) में 20.87 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता के मामले में झारखंड राज्य बिजली बोर्ड (जेएसईबी) के तत्कालीन अध्यक्ष शिवेंद्रनाथ वर्मा (एसएन वर्मा) की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। सीबीआई की विशेष अदालत ने उन पर आधिकारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं।
सीबीआई के अनुसार, साल 2011-12 में जेएसईबी के अधिकारियों ने भेल (BHEL) और एनपीईएल (NPEL) के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची थी।

जिस मरम्मत कार्य का अनुमानित बजट महज 2.5 करोड़ रुपये था, उसे नियमों को ताक पर रखकर 20.87 करोड़ रुपये में भेल को आवंटित कर दिया गया। एसएन वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने दरों की तर्कसंगतता की जांच किए बिना और बोर्ड के अन्य इंजीनियरों के 4.88 करोड़ रुपये के अनुमान को दरकिनार कर ऊंची दरों पर मंजूरी दी। साथ ही, बिना बैंक गारंटी के 20 प्रतिशत अग्रिम भुगतान का भी आदेश दिया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।