जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का बढ़ता दबाव कम करने और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए रेलवे कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम कर रहा है। चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण हरिया ने टाटानगर स्टेशन पर जनसंवाद के बाद पत्रकारों से बातचीत में नई रेलवे लाइन, स्टेशन के विस्तार, सिग्नेचर ब्रिज और नई ट्रेनों को लेकर अहम जानकारी दी।

सुंदरनगर के पास बनेगा नया रेलवे स्टेशन
टाटानगर और हल्दीपोखर के बीच सुंदरनगर के पास नया रेलवे स्टेशन बनाने की योजना है। इसके लिए सर्वे का काम अंतिम चरण में है। सर्वे रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। नए स्टेशन पर शुरुआत में दो प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, जबकि भविष्य में इसके विस्तार की भी योजना है। आदित्यपुर और सालगाझुड़ी स्टेशनों पर भी ट्रेनों का ठहराव होगा। इसके अलावा गोविंदपुर स्टेशन का कायाकल्प किया जाएगा।
बर्मा माइंस में बनेगा सिग्नेचर फोरलेन ब्रिज
टाटानगर रेलवे स्टेशन के विकास के तहत बर्मा माइंस रोड ओवरब्रिज को फोरलेन बनाने की योजना है। इसे सिग्नेचर ब्रिज के रूप में विकसित किया जाएगा। स्टेशन के मुख्य द्वार और बर्मामाइंस गेट की ओर नई बिल्डिंग बनाई जाएगी। दोनों बिल्डिंग को जोड़ने के लिए करीब 36 मीटर चौड़ा स्काईवॉक बनाने की योजना है। इसके साथ मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स भी विकसित किया जाएगा।
टाटानगर और झारसुगुड़ा में बढ़ेंगे प्लेटफॉर्म
रेलवे के अनुसार, टाटानगर स्टेशन पर फिलहाल पांच प्लेटफॉर्म हैं, जिन्हें बढ़ाकर नौ करने की योजना है। वहीं, झारसुगुड़ा स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की संख्या पांच से बढ़ाकर दस करने का लक्ष्य है। चक्रधरपुर स्टेशन पर भी प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ाई जाएगी। ट्रेनों के समय पर परिचालन को बेहतर बनाने के लिए सीकेपी मंडल में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। डीआरएम ने बताया कि छह महीने के भीतर टाटानगर होकर तीसरी रेल लाइन बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा हावड़ा से झारसुगुड़ा तक चौथी रेल लाइन को भी मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई।
जयपुर तक जल्द शुरू हो सकती है ट्रेन सेवा
यात्रियों की सुविधा के लिए पुरी-बादलपुर एक्सप्रेस और संतरागाछी-खातिपुरा एक्सप्रेस का परिचालन शुरू करने की तैयारी है। संतरागाछी से टाटानगर, रांची, टोरी और दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन होते हुए खातिपुरा (जयपुर) तक ट्रेन चलने से यात्रियों को अतिरिक्त रेल कनेक्टिविटी मिल सकती है।
वंदे भारत के लिए टाटानगर में बनेगा डिपो
डीआरएम के मुताबिक, टाटानगर में वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव के लिए डिपो विकसित करने की योजना है। इससे टाटानगर की रेल कनेक्टिविटी और परिचालन क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
चक्रधरपुर रेल मंडल में स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ लगाने का काम जल्द पूरा करने का लक्ष्य है। डीआरएम ने बताया कि टाटानगर-अमृतसर ट्रेन को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
नई रेल लाइनों और कनेक्टिविटी पर जोर
हावड़ा-झारसुगुड़ा रेल मार्ग पर अतिरिक्त रेल लाइनों के निर्माण और दोहरीकरण की योजनाओं पर भी काम चल रहा है। विभिन्न रेलखंडों पर तीसरी और चौथी लाइन बनने से ट्रेनों की आवाजाही बेहतर होने और भविष्य में बढ़ते यातायात को संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है।डीआरएम ने यात्रियों से रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा करने, स्टेशन परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और ट्रेनों पर पत्थरबाजी जैसी घटनाओं से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है और रेल परिचालन प्रभावित होता है।


