
नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-खड़गपुर के एक छात्र को चिकित्सा आधार पर आईआईटी-रुड़की स्थानांतरण करने की अनुतमि दे दी, जिसे ‘बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर’ है।
न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी खास शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए आर्किटेक्चर की पढ़ाई कर रहे छात्र के स्थानांतरण का आदेश दिया और संस्थान को एक सप्ताह के अंदर जरूरी स्थानांतरण प्रमाणपत्र और दूसरे दस्तावेज जारी करने का निर्देश दिया।

