टाटा संस की सूचीबद्धता, नेतृत्व परिवर्तन से समूह कंपनियों की रेटिंग पर तत्काल असर नहींः एसएंडपी

एसएंडपी के अनुसार टाटा संस की संभावित सूचीबद्धता और नेतृत्व परिवर्तन से समूह की कंपनियों की क्रेडिट रेटिंग पर तत्काल असर नहीं होगा, लेकिन दीर्घकालीन प्रभाव संभव है।

Archana Ekka
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नयी दिल्ली : रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने मंगलवार को कहा कि टाटा संस की शेयर बाजार में संभावित सूचीबद्धता और टाटा समूह में नेतृत्व परिवर्तन से समूह की कंपनियों की क्रेडिट रेटिंग पर तत्काल असर पड़ने की संभावना नहीं है। हालांकि, लंबे समय में इससे समूह समर्थन और वित्तीय नीति के आकलन में बदलाव हो सकता है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने एक रिपोर्ट में कहा कि टाटा समूह के लंबे इतिहास और अपेक्षाकृत रूढ़िवादी प्रबंधन दृष्टिकोण को देखते हुए वित्तीय नीतियों में कोई भी बदलाव धीरे-धीरे होने का अनुमान है। उसने कहा कि टाटा संस की सूचीबद्धता और नेतृत्व परिवर्तन फिलहाल समूह की कंपनियों की रेटिंग पर असर नहीं डालेंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक, समूह की रेटिंग वाली कंपनियां स्वतंत्र पेशेवर प्रबंधन के तहत संचालित होती हैं, लेकिन टाटा संस उनकी रणनीति को प्रभावित करती है। एसएंडपी फिलहाल समूह की कंपनियों—टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, टाटा पावर, टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी, टाटा कैपिटल और जगुआर लैंड रोवर की रेटिंग करती है। रेटिंग एजेंसी इन सभी कंपनियों को टाटा संस के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानती है और समूह के समर्थन के कारण उनकी रेटिंग में अधिकतम तीन पायदान तक की बढ़ोतरी का आकलन करती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, नेतृत्व, समूह संरचना या हितधारकों की प्राथमिकताओं में बदलाव से लंबे समय में टाटा की रणनीति और वित्तीय नीति की निरंतरता तथा समूह समर्थन की संभावना को लेकर सवाल उठ सकते हैं। यह टाटा स्टील, टाटा पावर और टाटा कैपिटल जैसी कंपनियों के लिए खास तौर पर अहम हो सकता है, जिनकी वृद्धि की बड़ी योजनाएं हैं। वहीं, जगुआर लैंड रोवर कारोबारी बदलाव के दौर में है। एसएंडपी ने कहा कि टाटा संस की मौजूदा स्वरूप में सामान्य तरीके से सूचीबद्धता समूह की कंपनियों के क्रेडिट प्रोफाइल के लिए तटस्थ होगी। हालांकि, सार्वजनिक शेयरधारकों के आने से निवेश फैसलों, पूंजी आवंटन और कमजोर समूह कंपनियों को समर्थन पर अधिक निगरानी हो सकती है।

एजेंसी ने कहा कि सूचीबद्धता का असर धीरे-धीरे सामने आएगा, क्योंकि संभावित आईपीओ का आकार बड़ा होगा और सार्वजनिक शेयरधारकों को स्वामित्व ढांचे में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी हासिल करने में समय लगेगा। एसएंडपी ने कहा कि उसका मौजूदा समूह समर्थन आकलन इस आधार पर है कि टाटा संस एक प्रमुख नियंत्रक इकाई है और उसकी मजबूती विभिन्न क्षेत्रों में फैली कंपनियों के पोर्टफोलियो में हिस्सेदारी से आती है।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।