तमिलनाडु विधानसभा में उदयनिधि स्टालिन का सनातन धर्म पर बयान, राजनीतिक बहस तेज

तमिलनाडु विधानसभा में उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म पर दिए बयान से राजनीतिक बहस तेज, विपक्षी भूमिका, राज्य हित और तमिल थाई वझ्थु को लेकर भी रखी बात।

Razi Ahmad
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Udhayanidhi Stalin : तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में अपने पहले संबोधन के दौरान Udhayanidhi Stalin ने एक बार फिर सनातन धर्म को लेकर बयान दिया, जिसके बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। विधानसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि “सनातन एक ऐसी विचारधारा है जो लोगों को बांटने का काम करती है और इसे समाप्त किया जाना चाहिए।”

यह पहली बार नहीं है जब उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को लेकर इस तरह की टिप्पणी की है। इससे पहले वर्ष 2023 में भी उनके बयान को लेकर देशभर में विवाद हुआ था और कई संगठनों ने इसका विरोध किया था।

अपने संबोधन में उदयनिधि स्टालिन ने चेपॉक विधानसभा क्षेत्र की जनता, सहयोगी दलों के नेताओं तथा नवनिर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सदन में एक “रचनात्मक विपक्ष” की भूमिका निभाएगी और राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार के साथ मिलकर काम करेगी।

उदयनिधि स्टालिन ने यह भी कहा कि सरकार को केवल समर्थकों के लिए नहीं बल्कि पूरे राज्य की जनता के हित में कार्य करना चाहिए। साथ ही उन्होंने तमिलनाडु के सरकारी कार्यक्रमों में राज्य गीत “तमिल थाई वझ्थु” को प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई।

Share This Article
रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।