
नई दिल्ली : अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज पर हमले के जवाब में रविवार तड़के ईरान पर हमला किया। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को निशाना बनाकर हमले किए।
फारस की खाड़ी में दोनों पक्षों के बीच हमलों का यह नया दौर ऐसे समय में शुरू हुआ है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान युद्ध को लेकर हुआ अंतरिम समझौता और युद्धविराम अब ”समाप्त” हो चुका है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, ”ईरान ने गलत विकल्प चुना। अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।” संयुक्त अरब अमीरात ने नजदीक में स्थित कतर में विस्फोटों की आवाज सुने जाने के बीच रविवार को लोगों को मिसाइल और ड्रोन हमले की आशंका को लेकर चेतावनी जारी की।धमाकों के कुछ ही देर बाद कतर में मिसाइल हमले की चेतावनी के सायरन बजने लगे। इस बीच, फारस की खाड़ी में स्थित बहरीन में भी मिसाइल हमले की चेतावनी के सायरन बजे। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय स्थित है। यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका कि संयुक्त अरब अमीरात में किन स्थानों को निशाना बनाया गया।
ईरान के हालिया हमलों के दौर में अब तक उसे निशाना नहीं बनाया गया था। होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए हमले के संबंध में ‘यूएस सेंट्रल कमांड’ (सेंटकॉम) ने कहा कि साइप्रस के ध्वज वाले एक कंटेनर जहाज को ईरान ने निशाना बनाया, जिससे उसके ”इंजन कक्ष को काफी नुकसान” पहुंचा और चालक दल का एक असैन्य सदस्य लापता है।
ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि कई जहाजों ने ”अपना मार्ग बदलने और स्वीकृत रास्ते से आगे बढ़ने संबंधी हमारी चेतावनियों तथा निर्देशों की अनदेखी की।” रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि इनमें से एक जहाज ”चेतावनी के तौर पर चलाई गई गोली की चपेट में आ गया और उसे रोक दिया गया।”

