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उत्तर प्रदेश सरकार ने कानून व्यवस्था को ताक पर रखकर की कार्रवाई, तीन पूर्व जजों ने CJI को भेजी पत्र याचिका

पत्र याचिका पर सुनवाई की मांग की गई

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में मुस्लिम प्रदर्शनकारियों के दमन का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट के तीन पूर्व जजों समेत 12 लोगों ने चीफ जस्टिस एनवी रमना (Chief Justice NV Ramana) को पत्र याचिका भेजी है। पत्र याचिका पर सुनवाई की मांग की गई है।

इसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने लोगों को दंडित करने का बयान दिया। पुलिस ने लोगों को पीटा और वीडियो वायरल किए।

घरों को ढहाया गया

मकानों को गिराया जा रहा है।राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था (Law and order) को ताक पर रखकर कार्रवाई की। हिरासत में लोगों को पीटा गया। घरों को ढहाया गया।

पत्र याचिका पर दस्तखत करने वालों में Supreme Court के पूर्व जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी, जस्टिस वी गोपाला गौड़ा, जस्टिस एके गांगुली के अलावा तीन पूर्व हाई कोर्ट जज और शांति भूषण, इंदिरा जयसिंह, श्रीराम पंचू, प्रशांत भूषण जैसे वरिष्ठ वकील शामिल हैं।