पश्चिम बंगाल में नए सरकारी शिक्षकों को राजनीतिक गतिविधियों से रोकने के लिए जल्द नियम बनेंगे : दीपक बर्मन

पश्चिम बंगाल में नई शिक्षक नियुक्तियों के लिए सरकार सख्त नियम बनाने जा रही है। नए शिक्षकों के राजनीति में शामिल होने और चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगेगा।

Archana Ekka
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार भविष्य में स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के माध्यम से नियुक्त होने वाले शिक्षकों के राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने पर रोक लगाने संबंधी मंत्रिमंडल के फैसले को लागू करने के लिए जल्द नियम बनाएगी। एक मंत्री ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने कहा कि बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया, ताकि पश्चिम बंगाल को उन अन्य राज्यों की श्रेणी में आ जाये जहां इस तरह के प्रतिबंध लागू हैं।

उन्होंने कहा कि यह फैसला पहले से अध्यापनरत शिक्षकों पर लागू नहीं होगा। बर्मन ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की परीक्षाओं के माध्यम से भविष्य में नियुक्त होने वाले शिक्षक प्रस्तावित नियमों के दायरे में आएंगे, जिनके तहत राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने पर रोक होगी। कई अन्य राज्यों में यह पहले से लागू है। इस संबंध में आवश्यक नियम निकट भविष्य में बनाए जाएंगे।’’ बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि मंत्रिपरिषद ने फैसला किया है कि पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के माध्यम से भविष्य में नियुक्त होने वाले शिक्षकों को सीधे तौर पर राजनीति में हिस्सा लेने या चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘‘देश के किसी अन्य राज्य में शिक्षक सीधे तौर पर राजनीति में शामिल नहीं होते हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के उदाहरणों को देखते हुए हमने फैसला किया है कि पश्चिम बंगाल में भी शिक्षक अब सीधे तौर पर राजनीति में शामिल नहीं हो सकेंगे।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या राज्य में भाजपा का शिक्षक प्रकोष्ठ होगा, बर्मन ने कहा, ‘‘हम इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।’’ स्कूल शिक्षा मंत्री पश्चिम बंगाल उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद के भवन में आयोजित एक बैठक से इतर संवाददाताओं से बात कर रहे थे। बैठक में प्रशासनिक, बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक मुद्दों पर चर्चा की गई।

इसमें 21 जिलों की प्राथमिक शिक्षा परिषदों के अध्यक्षों के साथ ही राज्य के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा बोर्डों तथा उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद के प्रमुख शामिल हुए। बर्मन ने कहा कि सरकार अगले शैक्षणिक सत्र से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक जवाबदेही प्रणाली शुरू करने पर विचार कर रही है तथा इसके तहत शिक्षकों के प्रदर्शन को वार्षिक वेतन वृद्धि और पदोन्नति से जोड़ा जा सकता है।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।