जालना: मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने शुक्रवार को सत्तारूढ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना पर ‘500 करोड़ रुपये’ की ऑडियो क्लिप के पीछे के सच को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि रिकॉर्डिंग असली है और मामले की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्वतंत्र जांच की जानी चाहिये।

जालना जिले के अंकुशनगर में पत्रकारों से बातचीत में जरांगे ने अपने इस आरोप को दोहराया कि ऑडियो क्लिप को ‘फर्जी’ बताने की कोशिश की जा रही है, ताकि इसमें शामिल लोगों को बचाया जा सके। जरांगे ने पिछले सप्ताह भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच बातचीत की ऑडियो क्लिप जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि आरक्षण कार्यकर्ताओं को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे एवं शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के मार्फत 500 करोड़ रुपये दिये गए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि मराठा आरक्षण प्रदर्शन को कमजोर करने और उन्हें चुप कराने के लिए साजिश रची जा रही है। उन्होंने इस विवादित ऑडियो क्लिप की जांच की मांग भी की। क्लिप की व्यापक जांच के लिए तीन-सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाई गई है। जरांगे ने कहा, ‘‘कुछ दिन बाद वे साबित करने की कोशिश करेंगे कि क्लिप फर्जी है। वे सच को पचा नहीं पा रहे हैं और मेरे खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से जुड़े लोग मेरे पीछे पड़े हैं तथा मेरे खिलाफ साजिश रच रहे हैं।’’


