लखनऊ : समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता बूथ-स्तरीय पुनरीक्षण समन्वयक (बीआरसी) के साथ बैठकर सपा के वोट काटने और भाजपा के वोट जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।

हालांकि, उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से यादव के पोस्ट को साझा करते हुए कहा है कि यदि राज्य की किसी एक भी विधानसभा के बारे में ऐसी शिकायत अथवा संदेह है तो अवगत कराएं, तत्परतापूर्वक जांच कराकर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। राज्य की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर सपा महासचिव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया, ‘‘उत्तर प्रदेश में अब वैसे अधिकारी ही एसडीएम (उपजिलाधिकारी) तैनात किए जा रहे हैं, जो अपना ‘आईडी-पासवर्ड’ भाजपा द्वारा नियुक्त किसी कार्यकर्ता को दे देते हैं।’’

प्रोफेसर यादव ने निर्वाचन आयोग को इससे अवगत कराते हुए पोस्ट में कहा, ‘‘ये भाजपा कार्यकर्ता बीआरसी के साथ बैठकर सपा के वोट हटाते हैं और भाजपा के वोट जोड़ते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि ‘वन टाइम पासवर्ड’ (ओटीपी) संबंधित भाजपा कार्यकर्ता के पास मौजूद आईडी और पासवर्ड पर आता है। वही लोग इसे मंजूरी देते हैं।’’ सपा महासचिव ने पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि इस साजिश के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सपा समर्थकों के कम से कम 10 हजार वोट काटने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने मांग की है कि निर्वाचन आयोग इसका संज्ञान लेकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही करे।
सीईओ के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर सपा महासचिव के इस पोस्ट को साझा करते हुए कहा गया है, ‘‘उद्धृत पोस्ट के संबंध में अनुरोध है कि यदि उत्तर प्रदेश की किसी एक भी विधानसभा के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के बारे में ऐसी कोई शिकायत अथवा संदेह है तो कृपया अवगत कराने का कष्ट करें। तत्परतापूर्वक जांच कराकर प्रभावी करवाई की जाएगी।’’
विपक्षी दल लगातार मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए कह रहे हैं कि निर्वाचन आयोग भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए कार्य कर रहा है।
उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष की शुरुआत में राज्य की 403 विधानसभा सीट पर चुनाव होने हैं।


