
विश्व आईवीएफ दिवस हर वर्ष 25 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिन उन वैज्ञानिक उपलब्धियों का सम्मान करता है, जिन्होंने लाखों लोगों को माता-पिता बनने का अवसर दिया और प्रजनन स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई।
विश्व आईवीएफ दिवस क्या है?
विश्व आईवीएफ दिवस, जिसे वर्ल्ड एम्ब्रायोलॉजिस्ट डे भी कहा जाता है, IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) तकनीक की ऐतिहासिक सफलता को समर्पित है। यह दिन 25 जुलाई 1978 को जन्मी लुईस ब्राउन की याद में मनाया जाता है, जो IVF तकनीक से जन्म लेने वाली दुनिया की पहली शिशु थीं। यह उपलब्धि प्रजनन चिकित्सा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई।
IVF का इतिहास और शुरुआत
लुईस ब्राउन का जन्म ब्रिटेन में वैज्ञानिक रॉबर्ट एडवर्ड्स, स्त्री रोग विशेषज्ञ पैट्रिक स्टेप्टो और एम्ब्रायोलॉजिस्ट जीन पर्डी के वर्षों के शोध का परिणाम था। इस सफलता ने साबित किया कि मानव शरीर के बाहर निषेचन (फर्टिलाइजेशन) कर स्वस्थ गर्भावस्था संभव है। बाद में रॉबर्ट एडवर्ड्स को IVF के विकास में योगदान के लिए नोबेल पुरस्कार भी मिला।
विश्व आईवीएफ दिवस क्यों मनाया जाता है?
यह दिवस केवल वैज्ञानिक उपलब्धि का उत्सव नहीं है, बल्कि प्रजनन संबंधी चुनौतियों से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का भी अवसर है।
मुख्य उद्देश्य
IVF तकनीक की उपलब्धियों को सम्मान देना।
एम्ब्रायोलॉजिस्ट और फर्टिलिटी विशेषज्ञों के योगदान को पहचान देना।
बांझपन (Infertility) के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
सामाजिक कलंक और गलतफहमियों को कम करना।सुरक्षित और नैतिक प्रजनन उपचार को बढ़ावा देना।
IVF की प्रक्रिया कैसे काम करती है?
IVF उपचार कई चरणों में पूरा किया जाता है।
1. फर्टिलिटी जांच
दंपति के हार्मोन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और सीमेन एनालिसिस जैसे परीक्षण किए जाते हैं।
2. ओवेरियन स्टिमुलेशन
दवाओं की मदद से एक ही चक्र में कई अंडों को विकसित किया जाता है।
3. एग रिट्रीवल
परिपक्व अंडों को एक विशेष प्रक्रिया द्वारा निकाला जाता है।
4. फर्टिलाइजेशन
प्रयोगशाला में अंडों और शुक्राणुओं को मिलाया जाता है या ICSI तकनीक का उपयोग किया जाता है।
5. एम्ब्रियो कल्चर और ट्रांसफर
भ्रूण विकसित होने के बाद उसे गर्भाशय में स्थापित किया जाता है।
6. प्रेग्नेंसी टेस्ट
कुछ दिनों बाद रक्त परीक्षण के जरिए गर्भावस्था की पुष्टि की जाती है।
2026 में विश्व आईवीएफ दिवस का महत्व
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया में लगभग हर छह में से एक व्यक्ति अपने जीवनकाल में बांझपन की समस्या का सामना करता है। ऐसे में विश्व आईवीएफ दिवस 2026 का संदेश है कि प्रजनन स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता, वैज्ञानिक जानकारी, भावनात्मक सहयोग और सुलभ उपचार को बढ़ावा दिया जाए। यह दिन उम्मीद, विज्ञान और मानवता के संगम का प्रतीक है।

