
आंबेडकरनगर (उप्र) : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) पर विधानसभा सत्र नहीं चलने देने का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा की विकास में कोई रुचि नहीं है।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले सपा की पूर्ववर्ती सरकार में पार्टी का झंडा लगाकर अवैध वसूली होती थी: थानों-तहसीलों पर कब्जे थे, गुंडागर्दी चरम पर थी।
आदित्यनाथ ने कहा कि उस समय लोगों के मन में यह भाव आ गया था -”जिस गाड़ी में सपा का झंडा-समझो उसमें होगा सपा का गुंडा।”
आदित्यनाथ शुक्रवार शाम आंबेडकरनगर जिले के जलालपुर, आलापुर एवं टांडा विधानसभा क्षेत्रों की 706 करोड़ रुपये की 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, प्रमाण पत्र और चेक वितरित करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
गौरतलब है कि उप्र विधानमंडल दल का मानसून सत्र तीन अगस्त से सात अगस्त तक प्रस्तावित था, लेकिन विपक्ष के हंगामे के चलते छह अगस्त को अनुपूरक बजट पारित होने के बाद सत्र स्थगित कर दिया गया।
इस सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 का 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट विधानमंडल में विपक्षी दलों के शोर-शराबे और हंगामे के बीच पारित हुआ।
आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में विधानसभा सत्र न चलने देने के लिए समाजवादी पार्टी को जिम्मेदार बताते हुए कहा, ”हम लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास करते हैं, लोकतंत्र की तीन महत्वपूर्ण आधारशिला विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बेहतर समन्वय से विकास के कार्यों को गति मिलती है।”
उन्होंने जनसभा में आये लोगों को याद दिलाते हुए कहा, ”आपने देखा होगा अभी हाल ही में उप्र विधानमंडल का सत्र था। विधानसभा में हमने 59 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट प्रस्ताव पेश किया, हमने सोचा था कि सत्तापक्ष के विधायक और सहयोगी दलों के विधायक तो इस पर चर्चा करते ही हैं, विपक्ष के लोगों की भी इसमें रुचि होगी।”
आदित्यनाथ ने कहा कि अनुपूरक बजट में 59 हजार करोड़ रुपये की जो परियोजनाएं थी उनमें युवाओं के लिए रोजगार, अन्नदाता किसानों के उन्नयन का कार्यक्रम, महिलाओं के स्वावलंबन और गरीबों के कल्याण का प्रावधान किया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा, ”लेकिन समाजवादी पार्टी ने विधानसभा सत्र नहीं चलने दिया, हो हल्ला किया।”
उन्होंने कहा कि सपा ने इसलिए विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलने दी, क्योंकि पार्टी की विकास में कोई रुचि नहीं है, गरीबों में कोई रुचि नहीं है।

