झारखंड में मैट्रिक पेपर लीक मामले में 10 आरोपी गिरफ्तार, DGP ने किया खुलासा

News Aroma
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Paper leak case : झारखंड में मैट्रिक परीक्षा का पेपर लीक होने को लेकर हंगामा मच गया है।

एक तरफ विपक्ष इस मामले पर लगातार विधानसभा में आक्रामक रुख अपनाए हुए है, वहीं दूसरी ओर CBI जांच की मांग भी तेज हो गई है। इसी बीच झारखंड के DGP अनुराग गुप्ता ने इस मामले को लेकर बड़ा खुलासा किया है।

उन्होंने बताया कि पेपर लीक मामले में शामिल सभी मुख्य आरोपियों सहित 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

DGP ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह मामला ट्रक से प्रश्न पत्रों को स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने के दौरान सामने आया, जब एक क्वेश्चन पेपर को ब्लेड से काट कर वायरल किया गया था।

पेपर लीक की पूरी कहानी

DGP अनुराग गुप्ता ने बताया कि जांच में यह सामने आया कि ट्रक से पेपर स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने के लिए जिन मजदूरों को नियुक्त किया गया था, उनमें कुछ छात्र भी शामिल थे।

इन्हीं छात्रों ने पेपर में से कुछ प्रश्नों को गायब कर दिया और इन्हें अलग-अलग इलाकों में भेज दिया। पुलिस ने मंगलवार को गिरिडीह के न्यू बरगंडा में छापामारी कर इन छात्रों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार छात्रों के बयान पर पुलिस ने स्ट्रांग रूम तक पहुंचने वाली स्थिति का पता लगाया और पूरी प्रक्रिया की जांच की।

गिरिडीह से 6 छात्रों की गिरफ्तारी

इधर, कोडरमा पुलिस ने गिरिडीह के न्यू बरगंडा क्षेत्र में छापामारी कर 6 छात्रों को हिरासत में लिया। जानकारी के मुताबिक, ये छात्र गिरिडीह में पढ़ाई कर रहे थे और पेपर लीक मामले में शामिल थे।

इनमें से एक छात्र, कमलेश ने पेपर के प्रश्न पत्र को परीक्षा से पहले बेचकर 15 से 20 हजार रुपये की कमाई की थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि कई संदिग्ध लोग गिरिडीह में रह रहे हैं, जिसके बाद पुलिस ने गिरिडीह के दो घरों में सुबह-सुबह छापामारी की और इन छात्रों को गिरफ्तार किया।

DGP ने की कोडरमा SP की तारीफ

DGP ने कोडरमा SP की भी तारीफ की और कहा कि इस मामले का पर्दाफाश करने में कोडरमा पुलिस का शानदार काम रहा है। SDPO अनिल सिंह के नेतृत्व में की गई इस छापामारी से कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। DGP के अनुसार, इस मामले में अबतक 10 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं और आगे की जांच जारी है।

Share This Article