टेंडर घोटाले में तमिलनाडु के पूर्व CM पलानीस्वामी के खिलाफ सुनवाई स्थगित, 17 अक्टूबर तक के लिए….

न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी की पीठ ने याचिका पर सुनवाई 17 अक्टूबर तक के लिए टाल दी और मामले को गैर-विविध दिन पर उठाने का फैसला किया

News Aroma Media
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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को कथित राजमार्ग निविदा घोटाला (Highway Tender Scam) के संबंध में तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी (K. Palaniswami) (EPS) के खिलाफ नई जांच का निर्देश देने से इनकार करने वाले मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी।

न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी की पीठ ने याचिका पर सुनवाई 17 अक्टूबर तक के लिए टाल दी और मामले को गैर-विविध दिन पर उठाने का फैसला किया।

सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार, सोमवार और शुक्रवार के अलावा अन्य दिनों को शीर्ष अदालत में गैर-विविध दिनों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, जब विभिन्न पीठों द्वारा नियमित सुनवाई की जाती है।

तमिलनाडु के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशक (DVAC) ने द्रमुक नेता आर.एस. भारती द्वारा दायर याचिका को बंद करने के राज्य उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका दायर की है।

सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ

याचिका में आरोप लगाया गया कि AIADMK महासचिव ने जब मुख्यमंत्री थे, तो पक्षपात के आधार पर राजमार्ग विभाग में ठेके दिए थे, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।

इस साल 18 जुलाई को उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एन. आनंद वेंकटेश (N. Anand Venkatesh) की पीठ ने पाया कि 2018 में DVAC द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में कोई खामी नहीं थी और याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि शासन में बदलाव के बाद किसी और जांच की आवश्यकता नहीं है।

इससे पहले 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने कथित 4,800 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामले में CBI जांच का आदेश देने वाले मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले को रद्द कर दिया था।

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