पुलिस बिरसा चौक पर बैठी रही और प्रदर्शन कर रहे 14वें वित्त कर्मी सैकड़ों की संख्या पहुंच किया मंत्री के आवास का घेराव

News Aroma Media
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रांची: अपनी मांगों को लेकर पंचायती राज कर्मी संघ के सदस्‍य का रांची में धरना प्रदर्शन चल रहा है। इनका आज मुख्‍यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम है।

संघ की ओर से लगातार 48वें दिन भी धरना जारी है। मंगलवार को कर्मी संघ की ओर से निर्णय लिया गया कि बुधवार को तीन फरवरी को सभी कर्मी शांतिपूर्वक मुख्यमंत्री आवास ज्ञापन सौंपने जाएंगे।

लेकिन अचानक मंत्री आलमगीर आलम के आवास का घेराव करने पहुंच गए। करीब 300 की संख्या में आलमगीर आलम के आवास का घेराव कर रहे हैं।

इसे लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कर्मी संघ की ओर से बताया गया कि ग्रामीण विकास मंत्री हम सभी को आश्वासन दिए थे कि आप सभी कर्मी को 15वें वित्त में निश्चित रूप से रखा जाएगा।

उसका वीडियो फुटेज भी मौजूद है। लेकिन जब पदाधिकारियों से बात की गई तो विभाग नई नियुक्ति करना चाह रहा है।

जबकि नियोजन नीति न्यायालय में लंबित पड़ा हुआ है। इसका मतलब यह स्पष्ट है कि सरकार हम सभी से छल कर रही है, जो कि न्याय संगत नहीं है।

जब हम सभी पूर्व से कार्यरत थे, तो नई बहाली क्यों सर्वोच्च न्यायालय का जजमेंट भी है कि संविदा पर कार्य कर रहे हैं व्यक्ति को हटाकर पुनः संविदा पर बहाली नहीं की जा सकती है।

अगर बहाली हो तो स्थाई बहाली हो, लेकिन यह तथ्य से परे है कि सरकार हम सभी के हित के प्रति काफी निराशाजनक रवैया अपना रही है।

मौके पर बताया गया कि किसी भी हाल में हम सभी मुख्यमंत्री से मिलकर रहेंगे।

क्योंकि उनके द्वारा चुनाव पूर्व वादा किया गया था कि किसी भी अनुबंध कर्मी को छटनी नहीं करेंगे।

सभी को समान काम समान वेतन देंगे और स्थायीकरण करेंगेl कर्मी संघ की ओर से निर्णय लिया गया कि बुधवार को या तो सरकार हम सभी का 15वें वित्त आयोग में अवधि विस्तार करते हुए पंचायती राज में समायोजन करें।

नहीं तो फिर 6400 कंधा तैयार रखेंl अब कर्मियों की आर्थिक व मानसिक स्थिति बिगड़ते जा रही है।

अनुमंडल पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी के द्वारा मुख्यमंत्री से मिलाने का निश्चित समय देने का आश्वासन भी झूठ नजर आ रहा है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैl

सरकार से अभी भी निवेदन पूर्वक आशा एवं उम्मीद के साथ हम सभी कर्मी बैठे हुए हैं, ताकि हम सभी की संविदा अवधि विस्तार कर सम्मान पूर्वक हम सभी को घर भेजा जाए।

सरकार हम सभी के लिए नियमावली बनाएं और हम सभी के समायोजन के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव पारित करे।

हमें पूर्ण भरोसा है कि सरकार हम सभी के हित में निर्णय लेगी।

अगर सरकार हम सभी का समायोजन नहीं करती है तो इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार हम सभी को मुख्यधारा से हटाकर गलत धारा में जाने के लिए प्रेरित कर रही है।

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