झारखंड हाइ कोर्ट से बाबूलाल मरांडी, निशिकांत दुबे, अर्जुन मुंडा सहित 28 BJP नेताओं को राहत

झारखंड हाइ कोर्ट (Jharkhand High Court) में 11 अप्रैल, 2023 को रांची में सचिवालय मार्च के दौरान BJP प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व सांसद अर्जुन मुंडा, संजय सेठ सहित 28 BJP नेताओं की ओर से धुर्वा थाना में दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने का आग्रह करने वाली याचिका की सुनवाई में बुधवार को हुई।

News Aroma
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Jharkhand High Court : झारखंड हाइ कोर्ट (Jharkhand High Court) में 11 अप्रैल, 2023 को रांची में सचिवालय मार्च के दौरान BJP प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व सांसद अर्जुन मुंडा, संजय सेठ सहित 28 BJP नेताओं की ओर से धुर्वा थाना में दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने का आग्रह करने वाली याचिका की सुनवाई में बुधवार को हुई।

Court ने धुर्वा थाना में दर्ज प्राथमिकी को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की याचिका स्वीकृत कर ली।

पूर्व में कोर्ट ने याचिकाकर्ता BJP प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, सांसद निशिकांत दुबे, पूर्व सांसद अर्जुन मुंडा, सांसद संजय सेठ, ढुल्लू महतो समेत 28 भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई पर रोक जारी रखी थी। कार्यक्रम के तहत सचिवालय की ओर मार्च कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ झड़प हो गई थी।

मामले को लेकर धुर्वा थाना में कांड संख्या 107/ 2023 दर्ज किया गया था। इसमें सांसद पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) और रघुवर दास, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, चतरा सांसद सुनील कुमार सिंह, विधायक अमित मंडल, समीर उरांव, सांसद निशिकांत दुबे सहित 41 नामजद एवं कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

BJP की ओर से खनिज समृद्ध राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था, मौजूदा भ्रष्टाचार और बेरोजगारी की उच्च दर के विरोध में इस मार्च का आयोजन किया गया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था और लाठीचार्ज भी किया था। उस दौरान क्षेत्र में CRPC की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई थी।

सचिवालय तक मार्च पूर्व मुख्यमंत्री Babulal Marandi और रघुवर दास, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और अन्नपूर्णा देवी और राज्य के पार्टी सांसदों के नेतृत्व में शुरू हुआ था।

पुलिस के मुताबिक पार्टी कार्यकर्ताओं के एक समूह ने बोतलें और पत्थर फेंके, जिससे कुछ पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मी घायल हो गए थे। भाजपा कार्यकर्ताओ ने पुलिस बैरिकेड तोड़कर बलपूर्वक आगे बढ़ने की कोशिश की थी, जिसपर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े थे।

इस मामले की सुनवाई हाई कोर्ट (High Court) के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की कोर्ट के हुई। बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा की ओर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव, पार्थ जालान और शिवानी ने बहस की।

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