
First MP of Ranchi: अब्दुल इब्राहिम अंसारी रांची के पहले सांसद थे। वर्ष 1952 में वे रांची उत्तर-पूर्व (नॉर्थ-ईस्ट) क्षेत्र से सांसद चुने गए। जनता के हित के लिए समर्पित और ईमानदारी के लिए आज भी उनका नाम लोगों के जेहन में है।
अब्दुल इब्राहिम अंसारी का जन्म 1 जनवरी 1915 को डोरंडा स्थित परासटोली में हुआ था। उनके पिता का नाम दिलावर अली अंसारी था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रांची के डोरंडा एलपी स्कूल, सेंट गोस्सनर हाई स्कूल और सेंट पॉल हाई स्कूल से प्राप्त की।
इसके बाद वे कलकत्ता चले गए, जहां 1934 में उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। वर्ष 1938 तक उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय में ही अपनी पढ़ाई जारी रखी। तत्पश्चात, 1942 तक उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण की और बी.ए. (कला स्नातक) तथा बी.एल. (विधि स्नातक) की उपाधियां प्राप्त कीं।
वर्ष 1942 में वे रांची बार (अधिवक्ता संघ) में शामिल हुए। उन्होंने बिहार के छोटानागपुर क्षेत्र में पिछड़े मुस्लिम समुदायों (बैकवर्ड मुस्लिम कम्युनिटीज़) के उत्थान के लिए सक्रिय रूप से कार्य किया। अपने सामाजिक जीवन में वे ‘जमीयतुल मोमिनीन’ और ‘डिस्ट्रिक्ट वीवर्स एसोसिएशन’ के महासचिव (जनरल सेक्रेटरी) बने। इसके अतिरिक्त, वे ‘बज़्म-ए-अदब लाइब्रेरी’ के अध्यक्ष और ‘डिविजनल कमिटी ऑफ़ बैकवर्ड मुस्लिम कम्युनिटीज़, छोटानागपुर’ के सदस्य भी चुने गए।
आगे चलकर वे ‘ऑल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस’ के सदस्य बने। वर्ष 1949 में वे रांची में आयोजित ‘बिहार कांग्रेस वर्कर्स कैंप’ की स्वागत समिति (रिसेप्शन कमिटी) के सदस्य रहे। अब्दुल इब्राहिम अंसारी मूलतः एक राष्ट्रवादी नेता थे, जो शुरुआत में मोमिन आंदोलन से जुड़े और बाद में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए।
वर्ष 1952 में वे रांची उत्तर-पूर्व (नॉर्थ-ईस्ट) क्षेत्र से सांसद चुने गए; इस प्रकार उन्हें राँची के पहले सांसद बनने का गौरव प्राप्त हुआ। मई 1953 में वे ‘ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लासेस कॉन्फ्रेंस’ के महासचिव बने। इसी वर्ष उन्होंने ‘दिल्ली स्टेट वीवर्स कॉन्फ्रेंस’ की स्वागत समिति के अध्यक्ष (चेयरमैन) और ‘ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लासेस फेडरेशन’ के संयुक्त सचिव (ज्वाइंट सेक्रेटरी) का पद भी संभाला। उन्होंने आजीवन मुस्लिम समुदाय के उत्थान के लिए काम किया।

