वक्फ संशोधन बिल पर JPC की बैठक, हुआ हंगामा

वक्फ (संशोधन) बिल पर संसद में भारी हंगामा हुआ था। बढ़ता विवाद और हंगामें को देखते हुए इस बिल को संसद की जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) को भेज दिया गया था।

News Aroma
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JPC meeting on Waqf Amendment Bill, ruckus: वक्फ (संशोधन) बिल पर संसद में भारी हंगामा हुआ था। बढ़ता विवाद और हंगामें को देखते हुए इस बिल को संसद की जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) को भेज दिया गया था।

इस कमेटी की पहली ही बैठक में तीन पर हंगामे की स्थिति बनी। बैठक में हंगामे के बीच BJP सांसद ने कहा कि वक्फ के पास जितनी जमीन उतने में ढाई कुवैत और डेढ़ बहरीन बन जाएंगे। Waqf Board के पास करीब 9 लाख एकड़ जमीन देश में हैं।

सूत्रों के मुताबिक, पहली JPC की बैठक में एक के बाद एक कई बार जोरदार हंगामा हुआ। ये पहली बैठक हुई जिसमें एक दूसरे पर आरोपों की झड़ी लगी। दरअसल 2013 में में यूपीए सरकार के दौरान मूल अधिनियम में संशोधन किया गया था और वक्फ बोर्ड को और अधिक शक्तियां दी गईं थीं जो वक्फ अधिकारियों, व्यक्तिगत संपत्ति मालिकों और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के बीच विवाद का एक प्रमुख कारण रही हैं।

हंगामा-1

भाजपा ने वक्फ की जमीन को लैंड जिहाद बोला तो विपक्ष ने कहा गलत नैरेटिव गढ़ रहे। BJP सांसद मेधा कुलकर्णी ने जब बैठक के दौरान कहा कि देश में लैंड जिहाद हो रहा है, तब कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने तल्ख होते हुए आपत्ति दर्ज करवाई। बस इसी के बाद तमाम विपक्षी सांसदों ने नासिर का साथ देते हुए बीजेपी सांसद को तीखे तेवरों के साथ घेरा।

हंगामा-2

दूसरा बड़ा हंगामा तब हुआ जब असददुद्दीन ओवैसी तमाम मसलों पर विरोध करते हुए अपना पक्ष रख रहे थे। तभी बीच बीच में बीजेपी सांसद अभिजीत गांगुली बार बार टिप्पणी करते रहे कि, लैंड रिवर्सल पर चुप क्यों? यानी वक्फ की जमीन अगर नियमों के तहत सरकार को मिले तो क्या दिक्कत? इस पर ओवैसी ने हंगामा शुरू किया और विपक्ष ने भी अपना विरोध जताया।

हंगामा-3

तीसरा हंगामा तब हुआ जब BJP सांसद बृजलाल ने वक्फ की जमी्न की तुलना कुवैत और बहरीन से कर दी। जिस पर नासिर हुसैन ने तंज कसते हुए कहा कि आप लोग इस तरह के नैरेटिव गढ़ने की कोशिश मत करिए।

देश में 2011 की जनगणना के मुताबिक, 6 लाख 40 हजार गांव हैं जो अब बढ़े ही होंगे। फर्ज कीजिये हर गांव में एक एकड़ जमीन कब्रिस्तान की, एक एकड़ ईदगाह की और आधा एकड़ की एक मस्जिद की हो तो भी ढाई एकड़ प्रति गांव के हिसाब से आपके आंकड़े से ज्यादा एकड़ जमीन हो जाएगी। इसलिए साम्प्रदायिक माहौल खराब करने के लिए ऐसे नैरेटिव न गढ़ें।

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