


The man in dowry murder case : यह एक अजीब स्थिति है कि कोई व्यक्ति दहेज हत्या का आरोप 8 वर्षों से झेल रहा था और बाद में पता चला कि वह नाबालिक था।





यह तो कोर्ट की मेहरबानी समझिए कि केस में फैसला आने से सिर्फ एक कदम दूर रहते उसने आरोपी को जुवेनाइल घोषित कर दिया। उससे जुड़े मामले की सुनवाई अब जेजे बोर्ड में होगी।
आरोपी पर दहेज के लिए अपनी पत्नी पूनम कुमारी को जलाकर मारने का आरोप है। घटना 18 मई 2016 की थी। प्राथमिकी 20 जून 2016 को लापुंग थाने में दर्ज कराई गई थी।
न्यायाधीश शैलेंद्र कुमार की अदालत ने घोषित किया जुवेनाइल
जानकारी के अनुसार, इस मामले में अभियोजन की ओर से गवाही पूरी हो चुकी थी। गवाही बंद होने के बाद आरोपी का बयान सीआरपीसी की धारा-313 के तहत दर्ज किया जाना था।
निर्धारित तारीख को आरोपी कोर्ट पहुंचा। अदालत ने आरोपी की उम्र पूछी। इसके बाद आप के समय से अब तक की अवधि का जोड़ घटाव करने के बाद पता चला कि वह आरोप लगने के समय नाबालिग था।
याचिका पर सुनवाई के पश्चात अपर न्यायायुक्त शैलेंद्र कुमार की अदालत ने बीते 23 सितंबर को जुवेनाइल घोषित कर दिया।
