
बोकारो थर्मल: दामोदर वैली कॉर्पोरेशन यानी डीवीसी के बोकारो थर्मल स्थित 500 मेगावाट क्षमता वाले ‘ए’ पावर प्लांट की एक यूनिट एक बार फिर बंद हो गई है। शुक्रवार की मध्यरात्रि करीब सवा बारह बजे यूनिट को पूरी तरह बंद कर दिया गया। ऐश पौंड से राख का उठाव नहीं हो पाने के कारण यूनिट को बंद किया गया। यूनिट बंद किए जाने के समय इससे लगभग 120 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था।
जानकारी के अनुसार नूरी नगर स्थित दोनों ऐश पौंड पूरी तरह भर चुके हैं और 28 फरवरी से राख का उठाव बंद है। छाई उठाने वाली कंपनी ‘सारण’ द्वारा हाईवा मालिकों को पिछले दो महीनों का भुगतान नहीं किए जाने से नाराज परिवहनकर्ताओं ने काम रोक दिया है। इसके चलते राख हटाने की प्रक्रिया ठप हो गई और प्रबंधन के सामने यूनिट बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। हालांकि डीवीसी के एचओपी सुशील कुमार अरजरिया ने इस गतिरोध में होली की छुट्टियों को भी एक कारण बताया है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी बेरमो विधायक कुमार जयमंगल सिंह के नेतृत्व में बेरमो हाईवा एसोसिएशन और विस्थापितों के आंदोलन के कारण 15 जुलाई से करीब साढ़े तीन महीने तक छाई उठाव का काम ठप रहा था।
वर्ष 2019 में ऐश पौंड टूटने से भारी तबाही हुई थी, जिसके बाद राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने डीवीसी पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। ऐश पौंड के पूरी तरह भर जाने से 2019 जैसी स्थिति दोबारा बनने की आशंका भी जताई जा रही है। फिलहाल प्रबंधन अस्थायी दीवारें बनाकर राख को रोकने की कोशिश कर रहा है, लेकिन खतरा बना हुआ है।
बता दें कि यूनिट बंद होने से डीवीसी को प्रतिदिन लगभग छह करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। इसका असर झारखंड सहित पंजाब, दिल्ली और कोल इंडिया लिमिटेड को की जाने वाली बिजली आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। बिजली की मांग को पूरा करने के लिए डीवीसी को अब बाहरी स्रोतों से महंगी बिजली खरीदनी पड़ सकती है।

