
MNREGA Scam Exposed in Jamtara : झारखंड के जामताड़ा जिले में मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। नाला विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग पंचायतों में बिना काम कराए ही राशि निकासी और फर्जी मजदूरी भुगतान के आरोप लगे हैं।
कुंडहित प्रखंड की भेलुआ पंचायत में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सूचना के अधिकार (RTI) से मिली जानकारी के अनुसार, भेलुआ-2 केंद्र में कार्यरत आंगनबाड़ी सहायिका सावित्री मुर्मू के नाम पर मनरेगा मजदूरी का भुगतान किया गया।
रिकॉर्ड बताते हैं कि वर्ष 2025 के मई, जुलाई और अगस्त में उनके नाम पर कई मस्टर रोल जारी हुए, जबकि उन्होंने खुद इस तरह की किसी मजदूरी या भुगतान से अनभिज्ञता जताई है। इस मामले में जिला प्रशासन से शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
वहीं दूसरा मामला फतेहपुर प्रखंड के शिमला डंगाल पंचायत के जोड़डीह गांव से जुड़ा है। यहां जितेंद्र रुज के नाम पर स्वीकृत तालाब निर्माण योजना में भी गड़बड़ी सामने आई है। करीब 4.99 लाख रुपये की इस योजना में जमीन पर काम शुरू हुए बिना ही 25,635 रुपये की निकासी कर ली गई।
बताया जा रहा है कि लाभुक जितेंद्र रुज फिलहाल जिले से बाहर मजदूरी कर रहा है, जबकि नियमों के अनुसार भुगतान से पहले कार्य का सत्यापन और स्थल की फोटो अनिवार्य होती है। इसके बावजूद राशि का ट्रांसफर होना प्रशासनिक लापरवाही और मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
इस मामले में फतेहपुर के बीपीओ प्रदीप टोप्पो ने कहा है कि अवकाश के बाद मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी। वहीं पंचायत की मुखिया मिथिला मुर्मू ने भी रोजगार सेवक से जांच कराने की बात कही है।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले यह दर्शाते हैं कि सख्त नियमों और डिजिटल निगरानी के बावजूद मनरेगा में बिचौलियों का खेल जारी है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इन मामलों में कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है।
