
रांची : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी को लेकर पिछले छह महीनों से छात्रों का विरोध लगातार जारी है। यूनिवर्सिटी कैंपस में बीते कई दिनों से धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी और आंदोलन का दौर चल रहा है। इसी मुद्दे को लेकर अब छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच गांधी सभागार में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में फीस वृद्धि और छात्रों की मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
छात्रों का कहना है कि फीस में भारी बढ़ोतरी से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उनका दावा है कि इसका सबसे ज्यादा असर आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर छात्र संगठन पिछले कई महीनों से आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान कई बार धरना, तालाबंदी और विरोध मार्च भी निकाले गए।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर फीस बढ़ोतरी के नाम पर “करोड़ों रुपये की वसूली” करने का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि अचानक की गई फीस वृद्धि से उच्च शिक्षा आम छात्रों की पहुंच से बाहर होती जा रही है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले में अब तक कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
आंदोलन के दौरान कई बार छात्रों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति भी बन चुकी है। छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक फीस वृद्धि वापस नहीं ली जाती या छात्रों को राहत नहीं दी जाती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की समीक्षा के लिए समिति गठित करने की बात कही है और छात्रों से शैक्षणिक गतिविधियां बाधित नहीं करने की अपील की है। लगातार विरोध-प्रदर्शन के कारण कैंपस का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

