
Uttar Pradesh Labour Department : नोएडा में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के बीच श्रम विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। विभाग ने 43 ठेकेदारों को नोटिस जारी किया है और गंभीर अनियमितताओं के चलते 10 कारखानों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं।
यह कार्रवाई मजदूरों की सुरक्षा, वेतन और कार्यस्थल पर सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के बाद की गई है। अधिकारियों के अनुसार जिन मामलों में बार-बार या गंभीर उल्लंघन पाए गए, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाया गया है।
श्रम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन 10 ठेकेदारों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं, उन्हें ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश के श्रम आयुक्त को भेज दिया गया है। यह कदम औद्योगिक क्षेत्रों में नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
हाल ही में इन औद्योगिक इलाकों में मजदूरों ने समय पर वेतन भुगतान, न्यूनतम मजदूरी और सुरक्षित कार्य वातावरण जैसी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन के कारण कई जगहों पर कामकाज भी प्रभावित हुआ था, जिसके बाद प्रशासन ने निरीक्षण अभियान तेज किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कई गंभीर खामियां मिलीं, जिनमें न्यूनतम वेतन का पालन न होना, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और आवश्यक दस्तावेजों की कमी शामिल थी। अतिरिक्त श्रम आयुक्त राकेश द्विवेदी ने कहा कि पहले भी कई ठेकेदारों को चेतावनी दी गई थी, लेकिन सुधार न होने पर अब सख्त कार्रवाई की गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि औद्योगिक शांति बनाए रखने के साथ-साथ मजदूरों के अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है। आगे भी श्रम कानूनों के उल्लंघन पर इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
श्रम विभाग ने सभी औद्योगिक इकाइयों और ठेकेदारों को चेतावनी दी है कि वे श्रम कानूनों का पूरी तरह पालन करें, अन्यथा भविष्य में लाइसेंस निलंबन या रद्द जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

