विश्व रेड क्रॉस दिवस मानवता की सेवा का प्रतीक : संजय सर्राफ

तेजस्वी यादव ने बिहार में एनडीए सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सत्ता बदलने के राजनीतिक नाटक में गरीबी, बेरोजगारी, अपराध, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दे नजरअंदाज हो रहे हैं।

3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची : झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता सह इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के आजीवन सदस्य संजय सर्राफ ने कहा है कि विश्व भर में मानवता,सेवा और करुणा के आदर्श को समर्पित विश्व रेडक्रॉस दिवस प्रत्येक वर्ष 8 मई को मनाया जाता है।विश्व रेड क्रॉस दिवस मनाने की शुरुआत 1948 में की गई थी ताकि रेडक्रॉस के संस्थापक हेनरी डुनेट की स्मृति में हर वर्ष उनके जन्म दिवस 8 मई को इस दिन को समर्पित किया जा सके। उन्होंने युद्ध और आपदा के समय घायल एवं पीड़ित लोगों की सहायता के लिए पहल किया था।विश्व रेडक्रॉस दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को मानव सेवा, आपदा राहत और स्वास्थ्य सहायता के प्रति जागरूक करना है। यह दिवस हमें याद दिलाता है कि जाति, धर्म, भाषा और सीमाओं से परे जाकर जरूरतमंदों की सहायता करना ही सच्ची मानवता है।

रेडक्रॉस संगठन युद्ध, प्राकृतिक आपदाओं, महामारी और अन्य संकटों में निष्पक्ष होकर सहायता प्रदान करता है।इस दिवस की महत्ता अत्यंत व्यापक है। रेडक्रॉस ने विश्वभर में लाखों लोगों की जान बचाई है और संकट के समय उन्हें राहत पहुंचाई है। चाहे भूकंप हो,बाढ़, युद्ध या महामारी-हर स्थिति में यह संगठन अग्रणी भूमिका निभाता है। यह दिवस समाज में सेवा, सहानुभूति और सहयोग की भावना को मजबूत करता है। साथ ही युवाओं को समाजसेवा के लिए प्रेरित करता है। इस दिन विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।स्कूलों,कॉलेजों एवं सामाजिक संस्थाओं में मानवता और सेवा के मूल्यों परआधारित कार्यक्रम होते हैं।

रेडक्रॉस स्वयंसेवकों को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने निःस्वार्थ सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है।आपदा प्रबंधन और प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।इस दिवस के प्रमुख उद्देश्य हैं जरूरतमंदों की सहायता के लिए लोगों को प्रेरित करना।आपदा के समय त्वरित और प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित करना।स्वास्थ्य सेवाओं और प्राथमिकचिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ाना।मानवाधिकार और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना।विश्व रेडक्रॉस दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी का स्मरण है। यह दिवस हमें सिखाता है कि हर व्यक्ति अपने स्तर पर समाज की सेवा कर सकता है। आज के समय में, जब विश्व विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में रेडक्रॉस जैसी संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। हमें भी उनके सिद्धांतों को अपनाकर एक बेहतर और संवेदनशील समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए।

Share This Article
Avantika Raj Choudhary एक अनुभवी और बहुआयामी पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का समृद्ध अनुभव प्राप्त है। इस दौरान उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग, स्क्रिप्ट राइटिंग और वेबसाइट संचालन जैसे मीडिया के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। खबरों की गहरी समझ, प्रभावशाली प्रस्तुति और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को संवेदनशीलता के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता उन्हें एक सशक्त मीडिया प्रोफेशनल बनाती है। अपने करियर के दौरान Avantika ने Jharkhand Live, The Fourth Pillar, 22 Scope और Khabar Mantra जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया है, जहाँ उन्होंने अपनी पेशेवर दक्षता, मेहनत और रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। एंकर के रूप में उनकी प्रभावशाली संवाद शैली, रिपोर्टर के रूप में जमीनी हकीकत को सामने लाने की क्षमता, और स्क्रिप्ट राइटर के रूप में सटीक एवं आकर्षक लेखन ने उन्हें मीडिया जगत में एक अलग पहचान दिलाई है। डिजिटल और ग्राउंड मीडिया दोनों प्लेटफॉर्म्स पर कार्य करने का अनुभव रखने वाली Avantika Raj Choudhary पत्रकारिता के बदलते स्वरूप के साथ खुद को निरंतर अपडेट करती रही हैं। उनकी कार्यशैली में निष्पक्षता, समर्पण और दर्शकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का उद्देश्य स्पष्ट रूप से झलकता है। मीडिया इंडस्ट्री में उनका यह अनुभव और कौशल उन्हें भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियों की ओर अग्रसर करता है.