
Bihar Politics : कांग्रेस ने पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को बर्बर बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ अन्याय हुआ है।
पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्वी चंपारण जिला कांग्रेस कमिटी के नेताओं ने आरोप लगाया कि नौकरी और अपने अधिकारों की मांग कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। नेताओं का दावा है कि इस कार्रवाई में कई युवाओं को गंभीर चोटें आईं, जिनमें सिर फटने और हाथ-पैर टूटने जैसे मामले शामिल हैं।
कांग्रेस नेताओं प्रोफेसर विजय शंकर पाण्डेय और ओसैदूर रहमान खान ने कहा कि बिहार में दो लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली हैं, लेकिन सरकार भर्ती प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीईटी-एसटीईटी पास अभ्यर्थी लंबे समय से TRE-4 भर्ती की मांग कर रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें केवल आश्वासन मिल रहा है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उम्र सीमा पार कर चुके हैं और उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जब युवा अपनी मांगों को लेकर पटना पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
कांग्रेस नेताओं ने जेपी गोलंबर की स्थिति की तुलना ‘जलियांवाला बाग’ जैसी घटना से करते हुए पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। पार्टी ने कहा कि वह युवाओं के हक की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक जारी रखेगी।
हालांकि, इन आरोपों पर सरकार या पुलिस प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

