
JPSC News : JPSC अभ्यर्थियों को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने कट-ऑफ तिथि और आयु सीमा को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि आयु सीमा तय करना राज्य सरकार और नियोक्ता का नीतिगत अधिकार है, जिसमें न्यायालय तब तक हस्तक्षेप नहीं कर सकता जब तक मामला मनमाना या भेदभावपूर्ण न हो।
जस्टिस दीपक रोशन की बेंच ने JPSC की विभिन्न परीक्षाओं में आयु सीमा निर्धारण को चुनौती देने वाली अपीलों पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि उम्र में छूट देना कोई मौलिक अधिकार नहीं, बल्कि एक प्रकार की रियायत है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर आयु सीमा में छूट देने से चयन प्रक्रिया में अनिश्चितता पैदा हो सकती है।
दरअसल, अभ्यर्थियों ने झारखंड संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग प्रतियोगिता परीक्षा के लिए तय एक अगस्त 2022 की कट-ऑफ तिथि को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि परीक्षाएं नियमित रूप से नहीं होने के कारण कई उम्मीदवार उम्र सीमा पार कर चुके हैं और परीक्षा से वंचित हो रहे हैं।
याचिकाकर्ताओं ने कट-ऑफ तिथि को बदलकर 2017 या 2018 करने की मांग की थी। हालांकि राज्य सरकार ने कोर्ट में दलील दी कि विज्ञापन झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा नियमावली 2021 के अनुसार जारी किया गया है और इसमें अतिरिक्त आयु छूट का कोई प्रावधान नहीं है।

