
- सोनारडीह रेलवे लाइन और करोड़ों के प्लांट पर था बड़ा खतरा
Illegal Coal Mining : भारत सरकार और बीसीसीएल की महत्वाकांक्षी हरित तकनीक को तमाचा मारते हुए महेशपुर कोलियरी के अति-सुरक्षित साइलो और फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी प्लांट परिसर के ठीक बीचोबीच माफियाओं की ओर से धड़ल्ले से अवैध कोयला उत्खनन का जानलेवा खेल चलाया जा रहा था।
एक तरफ जहाँ यह अत्याधुनिक प्लांट पर्यावरण-अनुकूल ‘ग्रीन माइनिंग’ विजन के तहत बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सीधे रेलवे वैगनों में कोयला लोडिंग कर वायु प्रदूषण को न्यूनतम करने वाली देश की एक गौरवशाली परियोजना है, वहीं दूसरी तरफ बीसीसीएल, सीआईएसएफ और स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे प्लांट कैंपस के प्रतिबंधित क्षेत्रों में अवैध सुरंगें बनाकर राष्ट्रीय संपदा की खुली लूट हो रही थी।
शनिवार को इस अवैध मुहाने की भराई बीसीसीएल एरिया 3 सिक्योरिटी नोडल ऑफिसर शशि रंजन के नेतृत्व में बीसीसीएल सीआईएसफ व स्थानीय प्रशासन की संयुक्त कारवाई में की गई। अवैध मुहाने की भराई के दौरान मुहाने की दिशा सायलो प्लांट के लोडिंग पॉइंट की दिशा में था। कोयला माफियाओं ने साईलो कैंपस में कितने दूर तक खोदा यह तो जांच का विषय है, साथ ही सोनारडीह रेलवे लाइन पर भी खतरे की आशंका है।

इस सुरक्षा चूक के कारण न केवल हर दिन दर्जनों मजदूरों की जान जोखिम में डालकर कोयला निकाला गया बल्कि भारी-भरकम कन्वेयर बेल्ट और करोड़ों की साइलो संरचनाओं के ठीक नीचे की जमीन खोखली होने से गंभीर भू-धंसान का खतरा पैदा हो गया है, जो किसी भी दिन इस बहुमूल्य सरकारी बुनियादी ढांचे को जमींदोज कर एक बड़े हादसे को आमंत्रण दे सकता है।
वहीँ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, साइलो से सीधे जुड़े रेलवे विभाग को भी इस अवैध माइनिंग की भनक लग चुकी है, जिसके बाद रेलवे के उच्च अधिकारियों ने भू-धंसान के कारण ट्रैक और रैक लोडिंग सिस्टम के धंसने तथा परिचालन ठप होने जैसी गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका जताया है।

