
Gumla News: झारखंड के गुमला जिले में जमीन विवाद को लेकर हुई एक महिला की हत्या के मामले में अदालत ने चार वर्ष बाद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अपनी चाची की हत्या के दोषी पाए गए भतीजे निर्दोष कुजूर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला रायडीह थाना क्षेत्र के कनहार टोली गांव का है। 12 जून 2022 को पारिवारिक जमीन विवाद के बीच आरोपी निर्दोष कुजूर पर अपनी चाची विनको कुजूर की हत्या करने का आरोप लगा था। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई थी।
परिवारिक विवाद ने लिया हिंसक रूप
अभियोजन पक्ष के अनुसार, संपत्ति को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के दौरान आरोपी ने अपनी चाची पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के पति विश्राम कुजूर ने रायडीह थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
पुलिस ने मामले की जांच करते हुए घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, गवाहों के बयान दर्ज किए और पर्याप्त सबूत मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार
मामले की सुनवाई प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत कुमार सिंह की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के माध्यम से अपना पक्ष रखा। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया।
आजीवन कारावास और जुर्माना
अदालत ने दोषी निर्दोष कुजूर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में उसे छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
फैसले से गया सख्त संदेश
चार साल पुराने इस मामले में आए फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि पारिवारिक और जमीन संबंधी विवाद यदि समय रहते नहीं सुलझाए जाएं तो वे गंभीर आपराधिक घटनाओं का रूप ले सकते हैं।
अदालत के फैसले ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी भी परिस्थिति में हिंसा को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

