झारखंड की जेलों में कक्षपाल भर्ती का रास्ता साफ, 157 पदों पर होगी नियुक्ति; 15 जुलाई को वॉक-इन इंटरव्यू

झारखंड की विभिन्न जेलों में 157 कक्षपाल और महिला कक्षपाल पदों पर भूतपूर्व सैनिकों एवं अर्धसैनिक बल के जवानों की संविदा नियुक्ति के लिए 15 जुलाई को वॉक-इन इंटरव्यू होगा।

Razi Ahmad
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Jharkhand Jail Recruitment 2026 : झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य की विभिन्न जेलों में रिक्त पड़े कक्षपाल और महिला कक्षपाल पदों को भरने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। कारा एवं सुधारात्मक सेवाएं निरीक्षणालय द्वारा जारी नियुक्ति विज्ञापन संख्या-02/जेल/2026 के तहत कुल 157 रिक्त पदों पर संविदा आधारित नियुक्ति की जाएगी। इस भर्ती में भूतपूर्व सैनिकों और अर्धसैनिक बलों से सेवानिवृत्त जवानों को अवसर दिया जाएगा।

विभाग के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 157 पदों में 149 पुरुष कक्षपाल और 8 महिला कक्षपाल के पद शामिल हैं। इन पदों पर नियुक्ति राज्य की विभिन्न जेलों में की जाएगी। सबसे अधिक रिक्तियां केंद्रीय कारा, घाघीडीह (जमशेदपुर) में हैं, जहां 95 पुरुष और एक महिला कक्षपाल के पद खाली हैं। वहीं मंडल कारा, चाईबासा में 11 पुरुष और तीन महिला कक्षपाल तथा मंडल कारा, सरायकेला में 32 पुरुष और चार महिला कक्षपाल के पदों पर नियुक्ति की जाएगी।

इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों के लिए 15 जुलाई 2026 को वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। यह इंटरव्यू केंद्रीय कारा, घाघीडीह के अधीक्षक कार्यालय, जमशेदपुर में होगा। उम्मीदवारों को अपने सभी आवश्यक मूल प्रमाण पत्र और दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि पर उपस्थित होना होगा।

विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रारंभिक रूप से एक वर्ष के लिए संविदा के आधार पर की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अनुबंध की अवधि बढ़ाई जा सकती है। हालांकि, नियमित नियुक्ति होने की स्थिति में संविदा स्वतः समाप्त हो जाएगी।

नियुक्त कर्मियों को प्रतिमाह 20,000 रुपये का एकमुश्त मानदेय दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर मानदेय में 8 प्रतिशत की वृद्धि का प्रावधान रखा गया है। संविदाकर्मियों को वर्ष में 20 दिनों का क्षतिपूर्ति अवकाश मिलेगा तथा सरकारी कार्य के दौरान नियमानुसार यात्रा भत्ता (TA) और दैनिक भत्ता (DA) भी दिया जाएगा।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ड्यूटी के दौरान किसी कर्मी की मृत्यु होने पर राज्य पुलिसकर्मियों की तरह अनुग्रह अनुदान प्रदान किया जाएगा। हालांकि, आश्रितों को सरकारी नौकरी देने का कोई प्रावधान नहीं रखा गया है।

सरकार की इस पहल से राज्य की जेलों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने में मदद मिलेगी और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।