
रांची: झारखंड राज्य एनआरएचएम एएनएम जीएनएम अनुबंध कर्मचारी संघ ने राज्य के संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की लंबित समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मांग-पत्र सौंपा है। संघ ने आरोप लगाया है कि एनआरएचएम और आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों को पिछले पांच माह से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। इसे लेकर शुक्रवार को कर्मियों ने सदर अस्पताल कैंपस स्थित कार्यालय में जमकर प्रदर्शन किया।
संघ के अनुसार वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों को परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, इलाज तथा दैनिक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद स्वास्थ्य कर्मी नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। संघ ने कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर वेतन भुगतान नहीं होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की छवि भी प्रभावित हो रही है।
मांग-पत्र में जामताड़ा जिले की संविदा स्वास्थ्यकर्मी स्व. रेखा कुमारी का भी उल्लेख किया गया है, जिनकी 13 जून 2026 को मृत्यु हो गई थी। संघ का दावा है कि आर्थिक तंगी और लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण उनका परिवार गंभीर संकट में था। संगठन ने उनके आश्रित को स्वास्थ्य विभाग में अनुकंपा के आधार पर नौकरी तथा परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
संघ ने फरवरी 2026 से लंबित सभी बकाया मानदेय का तत्काल एकमुश्त भुगतान, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए घोषित 8 प्रतिशत वेतन वृद्धि के बकाये का भुगतान, योजनाओं की प्रशासनिक राशि का 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने, सभी स्वास्थ्य केंद्रों में बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था लागू करने तथा समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत पर मानदेय पुनर्निर्धारित करने की मांग उठाई है। इसके अलावा सभी संविदाकर्मियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने और भविष्य निधि (EPF) कटौती संबंधी आवश्यक आदेश जारी करने की भी मांग की गई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ सकता है।


