
Anti Drug Campaign : युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला खेल कार्यालय, सिमडेगा की ओर से शुक्रवार को विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत क्रॉस कंट्री दौड़, रस्साकशी, सेमिनार और पेंटिंग प्रतियोगिता जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें जिले के खेल विभाग द्वारा संचालित प्रशिक्षण केंद्रों के खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों और युवाओं को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी देना तथा उन्हें स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने खेल गतिविधियों के माध्यम से फिटनेस और अनुशासन का संदेश दिया, वहीं पेंटिंग प्रतियोगिता के जरिए नशे के खिलाफ अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की।
पेंटिंग प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने रंगों और चित्रों के माध्यम से नशे की बुराइयों और उससे होने वाले नुकसान को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया। कई प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज की कल्पना को अपनी कलाकृतियों में उकेरा और लोगों से नशे से दूर रहने की अपील की। प्रतियोगिता में प्रस्तुत चित्रों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और जागरूकता का मजबूत संदेश दिया।
कार्यक्रम में आयोजित सेमिनार के दौरान खिलाड़ियों को बताया गया कि मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य, करियर और सामाजिक जीवन पर गंभीर असर डालता है। विशेषज्ञों ने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति को शारीरिक रूप से कमजोर बनाता है, बल्कि मानसिक तनाव, आर्थिक समस्याओं और सामाजिक विघटन का भी कारण बनता है।
इस अवसर पर जिला खेल पदाधिकारी ने कहा कि खेल और नशा एक-दूसरे के विपरीत हैं। खेल युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच प्रदान करते हैं, जबकि नशा उनके भविष्य को अंधकारमय बना सकता है। उन्होंने खिलाड़ियों से स्वयं जागरूक रहने और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी नशामुक्ति के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ शरीर, सशक्त मन और उज्ज्वल भविष्य के लिए नशामुक्त जीवनशैली अपनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

