रांची नगर निगम के पास संसाधनों की कमी, शहर की सफाई से लेकर सभी काम प्राइवेट एजेंसी के जिम्मे

रांची नगर निगम संसाधनों की भारी कमी से जूझ रहा है और सफाई समेत कई काम किराए की मशीनों व निजी एजेंसियों के भरोसे चल रहे हैं, जनता परेशान है।

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संसाधनों की कमी के कारण किराए पर मशीनें लेकर काम चला रहा रांची नगर निगम

रांची: रांची नगर निगम संसाधनों की भारी किल्लत से जूझ रहा है। वहीं शहर की सफाई से लेकर अन्य सभी काम अब पूरी तरह प्राइवेट एजेंसियों और किराए के भरोसे चल रहे है। ऐसे में तमाम बुनियादी नागरिक सुविधाओं की जिम्मेदारी निजी हाथों में सौंप दी गई है, जिससे निगम की अपनी व्यवस्था ढुलमुल तरीके से चल रही है। स्थिति ये है कि शिकायत पर तत्काल समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

एजेंसी के भरोसे राजधानी की सफाई

रांची को स्वच्छ और सुंदर बनाने का दावा करने वाला नगर निगम खुद संसाधनों के मामले में गरीब हो चुका है। स्थिति यह है कि निगम के पास अपनी पर्याप्त गाड़ियां और उपकरण तक नहीं हैं। मजबूरन, भारी-भरकम राशि खर्च करके किराए पर मशीनें ली जा रही हैं। इसका सीधा असर जनता से जुड़ी सेवाओं पर पड़ रहा है। वर्तमान में निगम के पास संसाधनों की स्थिति बेहद सीमित है। जबकि नगर निगम संसाधनों के लिए एजेंसी को बड़ी राशि का भुगतान कर रहा है। अगर एजेंसी किसी कारणवश काम ठप कर दे तो शहर की स्थिति भयावह हो जाएगी।

मशीनों का बेहतर ढंग से इस्तेमाल नहीं

डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए महज 30 ट्रैक्टर उपलब्ध हैं, जो आबादी के लिहाज से ऊंट के मुंह में जीरा के समान हैं। हालांकि इतने ही ट्रैक्टर एजेंसी ने दिए है। सड़कों को चमकाने के लिए 5 रोड स्वीपिंग मशीनें कार्यरत हैं। लेकिन यह मशीन भी केवल मुख्य सड़कों की सफाई करते हैं। वीआईपी इलाकों की सड़कों की सफाई भी इन मशीनों से ही की जाती है। छोटी सड़के और कनेक्टिंग रोड्स की सफाई इन मशीनों से नहीं की जाती। नालियों और गाद की सफाई के लिए 2 सुपर सकर मशीनें और मलबा हटाने के लिए 4 स्किड लोडर मशीनें लगाई गई हैं।

शिकायत पर तुरंत कार्रवाई नहीं

बड़ा तालाब और अन्य जलाशयों से जलकुंभी हटाने के लिए निगम के पास 2 वीड हार्वेस्टिंग मशीनें हैं। खुदाई और अन्य निर्माण कार्यों के लिए मात्र 2 जेसीबी मशीनें तैनात हैं। वहीं किराए पर 6 जेसीबी ली गई है। संसाधनों की इस भारी कमी का खामियाजा सीधे तौर पर रांची की जनता को भुगतना पड़ रहा है। शहर के विभिन्न वार्डों से आने वाली शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। लोग गंदगी, जाम नालियों और कचरा न उठने की शिकायतें तो दर्ज करा रहे हैं, लेकिन निगम प्रशासन तुरंत कार्रवाई करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। संसाधनों की कमी के चलते शिकायतों के निवारण में काफी समय लग रहा है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।

निगम के अपने संसाधन

ट्रैक्टर 30
जेसीबी 2
वीड हार्वेस्टिंग मशीन 2
सुपर सकर मशीन 2
रोड स्वीपिंग मशीन 5 मार्च
स्किड लोडर मशीन 4
डोर टू डोर कलेक्शन 150

एजेंसी उपलब्ध करा रही गाड़ियां

डोर टू डोर ट्रैक्टर 30
जेसीबी 6
हूक लोडर 15
डोर टू डोर कलेक्शन 250

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।