झारखंड के आम की विदेश में धूम! देवघर-गुमला का आम्रपाली पहुंचा दुबई, ग्रामीण महिलाओं की मेहनत लाई रंग

झारखंड की महिला किसानों की मेहनत रंग लाई, देवघर और गुमला का आम्रपाली आम पहुंचा दुबई के लूलू मॉल तक, कृषि उत्पादों को मिली वैश्विक पहचान।

3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची: झारखंड के गांवों में मेहनत कर रहीं महिला किसानों की कोशिश अब राज्य के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला रही है। देवघर और गुमला जिले के बागानों में तैयार हुआ स्वादिष्ट ‘आम्रपाली’ आम अब दुबई के बाजारों तक पहुंच गया है। दुबई के मशहूर लूलू मॉल में झारखंड के आम्रपाली आम की पहली खेप पहुंच चुकी है। अपनी बेहतर गुणवत्ता और मिठास के कारण यह आम वहां के ग्राहकों को काफी पसंद आ रहा है। इससे पहले भी झारखंड के अलग-अलग जिलों से आम्रपाली आम की खेप लंदन और इटली जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजी जा चुकी है।

इस सफलता के पीछे राज्य की बिरसा हरित ग्राम योजना और जेएसएलपीएस (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी) की अहम भूमिका रही है। जेएसएलपीएस के माध्यम से महिला किसान उत्पादक संगठनों द्वारा तैयार 2 टन आम्रपाली आम की पहली खेप दुबई भेजी गई है। जेएसएलपीएस लगातार ग्रामीण इलाकों के स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक मार्केटिंग, पैकेजिंग और बेहतर बिक्री तकनीकों से जोड़ने का काम कर रहा है। इसका असर यह हुआ है कि महिला किसानों की आमदनी बढ़ रही है और झारखंड के स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश में पहचान मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचने से पहले इन आमों को ‘पलाश’ ब्रांड के तहत स्थानीय बाजारों में बेचा गया था। स्थानीय स्तर पर मिली अच्छी प्रतिक्रिया के बाद अब इसे विदेशी बाजारों तक पहुंचाने की पहल की गई।

महिला किसानों की मेहनत को मिला सम्मान

झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने इसका श्रेय राज्य की मेहनती दीदियों को दिया। उन्होंने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत विकसित किए गए बागान आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन रहे हैं। दीदियों की मेहनत और जेएसएलपीएस के बेहतर प्रबंधन का ही परिणाम है कि झारखंड का आम अब दुबई और यूरोप के बाजारों तक पहुंच रहा है। मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिला किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ना और उनकी आय में लगातार बढ़ोतरी करना है, ताकि ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से और मजबूत बन सकें।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।