
रांची : झारखंड के लिए आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में कुल 14 एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों के जरिए राज्य में लगभग ₹87,000 करोड़ के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे उद्योग, आईटी, पर्यटन, स्वास्थ्य और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। इस निवेश के तहत स्टील, न्यूक्लियर पावर, रिन्यूएबल एनर्जी, सीमेंट, टिन प्लेट विस्तार, सॉफ्ट ड्रिंक्स और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर जैसे कई बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएंगे। प्रमुख कंपनियों में जिंदल स्टील, टाटा स्टील, अंबुजा सीमेंट, जिंदल रिन्यूएबल और वरुण बेवरेजेज शामिल हैं।
सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग ने Google LLC के साथ महत्वपूर्ण समझौता किया है। इसके तहत झारखंड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित और क्लाउड-रेडी डिजिटल इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। साथ ही डेटा सेंटर आधुनिकीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, ट्रैफिक प्रबंधन और सरकारी अधिकारियों के कौशल विकास पर भी काम होगा।
Bhagwani AI के साथ हुए गैर-वित्तीय समझौते के तहत टीबी उन्मूलन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संक्रामक और गैर-संचारी रोगों के प्रबंधन के लिए AI आधारित डिजिटल हेल्थ समाधान विकसित किए जाएंगे। राज्य सरकार ने MSME Connect Portal भी लॉन्च किया है। इस पोर्टल के माध्यम से उद्योग स्थापना, अनुमतियों, आवेदन और अन्य सरकारी सेवाओं को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे प्रक्रियाएं अधिक सरल और पारदर्शी होंगी।
टाटा मोटर्स के साथ हुए समझौते के तहत झारखंड में इंडस्ट्रियल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटक जमशेदपुर स्थित टाटा मोटर्स प्लांट का निर्देशित भ्रमण कर ऑटोमोबाइल निर्माण प्रक्रिया को करीब से देख सकेंगे। वहीं EaseMyTrip के साथ साझेदारी से झारखंड पर्यटन के डिजिटल प्रचार-प्रसार, माइक्रोसाइट और सोशल मीडिया ब्रांडिंग पर काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि ये सभी समझौते झारखंड को निवेश, औद्योगिक विकास, डिजिटल नवाचार और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान देंगे। साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और राज्य के समावेशी एवं सतत विकास को गति मिलेगी।

