
रांची : राजधानी रांची के मोराबादी इलाके में सड़क किनारे वर्षों से दुकान लगाने वाले सैकड़ों पथ विक्रेताओं को हटाए जाने का मामला अब विवाद का रूप ले चुका है। रांची नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में भारतीय पथ विक्रेता महासंघ (एआईटीयूसी) ने प्रेस वार्ता कर अपना विरोध जताया है। महासंघ ने नगर निगम पर स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 और झारखंड हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। संगठन ने कहा है कि अगर 14 जुलाई तक इस मामले का समाधान नहीं निकाला गया, तो जयपाल सिंह स्टेडियम से रैली निकालकर नगर निगम का घेराव किया जाएगा।
भारतीय पथ विक्रेता महासंघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि मोराबादी सहित रांची के कई इलाकों में लगने वाले पारंपरिक बाजार कई दशकों पुराने हैं। उनका दावा है कि कई विक्रेता 25 से 40 वर्षों से यहां दुकान लगाकर अपनी आजीविका चला रहे हैं। संगठन का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के नाम पर इन बाजारों को हटाया जा रहा है। महासंघ ने आरोप लगाया कि कई दुकानदारों को बिना किसी पूर्व सूचना के हटाया गया और कुछ विक्रेताओं का सामान भी जब्त कर लिया गया। संगठन के अनुसार, यह कार्रवाई स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण एवं पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014 के प्रावधानों के खिलाफ है।
संगठन का कहना है कि कानून के तहत पथ विक्रेताओं को अतिक्रमणकारी नहीं माना जाता है। महासंघ ने बताया कि वर्ष 2025 में झारखंड हाईकोर्ट ने भी अपने आदेश में कहा था कि सभी पथ विक्रेताओं की पहचान, प्रमाण पत्र और वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना उन्हें हटाया नहीं जा सकता। इसके बावजूद नगर निगम कथित तौर पर केवल मौखिक आदेश के आधार पर कार्रवाई कर रहा है। महासंघ ने नगर निगम पर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि कार्रवाई नहीं रोकी गई, तो संगठन कानूनी रास्ते के साथ-साथ शांतिपूर्ण आंदोलन भी करेगा। संगठन ने 14 जुलाई को नगर निगम घेराव की घोषणा की है और कहा है कि पूरा आंदोलन संवैधानिक दायरे में रहकर किया जाएगा।

